गोरखपुर, 13 मार्च (हि.स.)। सदर तहसील सभागार में कृषि सांख्यिकी और फसल उत्पादन के सही आकलन को लेकर कानूनगो एवं लेखपालों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का संचालन जिला सांख्यिकी अधिकारी अमरेंद्र राय ने किया।

प्रशिक्षण में उन्होंने क्रॉप कटिंग प्रयोग की प्रक्रिया, उद्देश्य और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह फसलों के वास्तविक उत्पादन का वैज्ञानिक आकलन करने की महत्वपूर्ण विधि है। इसके तहत चयनित खेत में निर्धारित क्षेत्र की फसल काटकर प्राप्त उपज के आधार पर प्रति हेक्टेयर उत्पादन का अनुमान लगाया जाता है, जिससे जिले और प्रदेश की औसत पैदावार तय की जाती है।
उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग के दौरान पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। इसके लिए खेत का सही चयन, निर्धारित माप का प्लॉट, कटाई-मड़ाई के बाद अनाज का तौल तथा सभी विवरणों का रिकॉर्ड रखा जाता है। कई स्थानों पर मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी डेटा अपलोड किया जाता है।
अमरेंद्र राय ने कानूनगो और लेखपालों को निर्देश दिया कि क्रॉप कटिंग प्रयोग पूरी निष्पक्षता और सावधानी के साथ करें, क्योंकि इन्हीं आंकड़ों के आधार पर किसानों को फसल बीमा, राहत और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित होता है। प्रशिक्षण में मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों ने विभिन्न प्रश्न भी पूछे, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय
