संतमत सत्संग महादिवेशन में दूसरे दिन गुरु की महिमा पर हुई चर्चा

नवादा, 02 अप्रैल (हि.स.)।नवादा के संकट मोचन मंदिर के मैदान में जिला संतमत सत्संग ज्ञान महायज्ञ के दूसरे दिन गुरुवार को संतमत के साधु संतों ने गुरु भक्ति की चर्चा करते हुए गुरु के ज्ञान के बिना ईष्वर की प्राप्ति संभव नहीं होने की बात कही।
संतमत के प्रणेता संत सतगुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज के शिष्य स्वामी प्रमोद जी महाराज ने कहा कि गुरु से युक्ति जानकर यत्न करने से ही जीवन की मुक्ति संभव है ।वरना जीव 84 लाख योनियों में भटक कर सदा दुख पाने को मजबूर होता है।
उन्होंने कहा कि संतमत किसी भी धर्म का प्रतिवाद नहीं करता ,बल्कि संतो के बताए हुए रास्ते पर चलकर जीवन के दुखों से छूटने के सिद्धांतों पर चलकर परम कल्याण की बात करता है ।उन्होंने संत महर्षि में ही जी महाराज के कई संस्मरणों की चर्चा करते हुए कहा कि गुरु ईश्वर स्वरूप हैं और जो भी गुरु के उपदेशों को आत्मसात कर जीवन में चलेगा ।उसका उद्धार संभव निश्चित होगा।
उन्होंने कहा कि मनुष्य अज्ञानता वश 84 लाख योनियों में भटकता रहता है ।जहां सदा दुख ही दुख पता है, यही वजह है कि भगवान बुद्ध ने भी राजपाट छोड़कर साधना कर अपने जीवन को दुखो के बंधनों से छुड़ाकर सदा के लिए मुक्त होकर इस्वरत्व को प्राप्त कर लिया। उन्होंने सत्संग में पहुंचे हजारों सत्संगियों को ईश्वर स्वरूप का वर्णन करते हुए ईष्वर प्राप्ति के रास्ते बताए। धनवाआश्रम के व्यवस्थापक स्वामी शांतानंद जी महाराज ने कहा कि ईष्वर एक है और वहां तक पहुंचने के रास्ते भी एक है ।उन्होंने कहा कि संत सद्गुरु महर्षि में ही जी महाराज के उपदेशों को आत्मसात कर मानव जीवन का कल्याण कर सकता है । अखिल भारतीय संतमत के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी डॉक्टर विवेकानंद जी महाराज ने कहा कि संत सद्गुरु महर्षि में ही महाराज ने ईश्वर स्वरूप का वर्णन करते हुए अपने शिष्यों को ईश्वर को मानव शरीर में ही प्राप्त करने के रास्ते बताए।उन्होंने सत्संग में गुरु की महिमा की चर्चा करते हुए ईश्वर प्राप्ति के माध्यमों की भी चर्चा की। स्वामी निर्मलानंद जी महाराज ने भी सांसारिक उदाहरणों के माध्यम से मानव जीवन को सर्वोत्तम जीवन बताते हुए मानव शरीर की उपादेयता की चर्चा करते हुए कहा कि जिन्हें मनुष्य तन मिला है ,वे बड़भागी हैं ।अभी मौका है सजग बनकर साधना करके दुखों के बंधन से छूट जाइए । इस अवसर पर कृष्ण कुमार वर्मा ,अनिल कुमार, रविंद्र कुमार ,अधिवक्ता डॉक्टर साकेत बिहारी ,उमा पंडित ,महेंद्र प्रसाद ,कुलदीप पंडित,आदि ने सत्संग में सहयोग करते हुए सत्संगियों की सेवा की। हजारों सत्संगियों की प्रसाद की ब्यवस्था की गई।
नवादा, 02 अप्रैल (हि.स.)।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन
