कानपुर, 01 अप्रैल (हि.स.)। हम सरस एआई के साथ मिलकर ऐसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पाठ्यक्रम और कार्यक्रम विकसित करेंगे, जो वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हों और छात्रों को कौशल विकास के बेहतर अवसर प्रदान करें। यह बातें बुधवार को कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहीं।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में बुधवार को विश्वविद्यालय और सरस एआई के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत कंप्यूटर विज्ञान, कंप्यूटर अनुप्रयोग, सूचना प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग के छात्रों को नवीनतम तकनीकों में प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
समझौते के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित पाठ्यक्रमों का विकास, डिजाइन और क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके तहत ऑनलाइन पाठ्यक्रम, मुक्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम, परियोजना आधारित शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। साथ ही एमसीए और बीटेक के छात्रों को विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।
इस पहल से छात्रों को इंटर्नशिप, कौशल विकास, करियर निर्माण और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। दोनों संस्थाएं संयुक्त अनुसंधान, शैक्षिक आदान-प्रदान और शिक्षक प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग करेंगी। इससे छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा और उनकी तकनीकी दक्षता में वृद्धि होगी।
कार्यक्रम में कुलसचिव राकेश कुमार मिश्र, वित्त अधिकारी अशोक कुमार त्रिपाठी, यूआईईटी के निदेशक डॉ. आलोक कुमार, विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पा ममोरिया सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। सरस एआई के सह-संस्थापक अमित कटारिया भी इस अवसर पर मौजूद रहे और उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा के विस्तार पर विचार साझा किए।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
