जयपुर, 12 मार्च (हि.स.)।

राजस्थान के प्रसिद्ध सरिस्का टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सरिस्का बाघ परियोजना क्षेत्र में बाघिन ST-17 ने तीन शावकों को जन्म दिया है। वन विभाग ने कैमरा ट्रैप तस्वीरों और फील्ड मॉनिटरिंग के आधार पर इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।
कैमरा ट्रैप में कैद हुई खास तस्वीरें
वन विभाग के अनुसार अकबरपुर रेंज क्षेत्र में लगाए गए कैमरा ट्रैप में बाघिन ST-17 अपने तीनों शावकों के साथ स्पष्ट रूप से नजर आई। शुरुआती निगरानी में बाघिन और शावकों की गतिविधियां सामान्य पाई गई हैं, जिससे अधिकारियों ने संतोष जताया है। अब मॉनिटरिंग टीम को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बाघिन ST-17 इससे पहले भी सफल प्रजनन कर चुकी है। यह उसका दूसरा सफल मातृत्व है। तीन नए शावकों के जन्म से सरिस्का में बाघों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जो संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
गौरतलब है कि वर्ष 2004-05 में अवैध शिकार के कारण सरिस्का से बाघ पूरी तरह समाप्त हो गए थे। इसके बाद वर्ष 2008 में रणथंभौर नेशनल पार्क से बाघों का पुनर्स्थापन कार्यक्रम शुरू किया गया, जिसे विश्व का पहला सफल टाइगर री-लोकेशन मॉडल माना जाता है।
लगातार प्रयासों से मिली सफलता
वन विभाग द्वारा सघन गश्त, कैमरा ट्रैप मॉनिटरिंग, शिकार रोकथाम, प्राकृतिक आवास संरक्षण और गांवों के पुनर्वास जैसे प्रयासों के चलते सरिस्का में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार नए शावकों के जन्म से सरिस्का की पारिस्थितिकी मजबूत होगी, साथ ही वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन गतिविधियों में भी वृद्धि होने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार
