बरेली, 11 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से किशोरियों को बचाने के लिए जिले में जल्द ही ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान तीन माह तक जिले के 27 कोल्ड चेन पॉइंट पर चलाया जाएगा। अभियान में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को सिंगल डोज वैक्सीन लगाई जाएगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है। एचपीवी वैक्सीन के जरिए इस बीमारी से बचाव संभव है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों की तरह बरेली में भी यह विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है।
जिले में दो मेडिकल कॉलेज, जिला महिला अस्पताल, आठ नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) और 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी। अभियान के पहले तीन माह तक टीकाकरण सप्ताह के सभी कार्यदिवसों में सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जाएगा। इसके बाद इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करते हुए हर बुधवार और शनिवार को लगाया जाएगा।
सीएमओ ने बताया कि जिले को शासन की ओर से गार्डसिल वैक्सीन की 13,830 डोज उपलब्ध कराई गई हैं। यह वैक्सीन एचपीवी के चार प्रमुख स्ट्रेन 06, 11, 16 और 18 के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती है। अभियान का लक्ष्य जिले की करीब 50 हजार किशोरियों का टीकाकरण करना है, जो कुल आबादी का लगभग एक प्रतिशत है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि अब तक 165 देशों में लगभग 50 करोड़ लोगों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक होगा और इसके लिए माता-पिता या अभिभावक की सहमति जरूरी होगी। अभिभावक यू-विन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर डिजिटल सहमति दे सकते हैं। इंटरनेट सुविधा न होने पर लिखित सहमति भी ली जाएगी।
उन्होंने बताया कि टीका एएनएम, स्टाफ नर्स और लेडी हेल्थ विजिटर द्वारा लगाया जाएगा। टीकाकरण के बाद यदि बुखार, सिरदर्द या हल्की परेशानी हो तो पैरासिटामॉल दी जा सकती है। इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द या सूजन होने पर बर्फ से सिकाई करने की सलाह दी गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / देश दीपक गंगवार
