


गोरखपुर, 18 मार्च (हि.स.)। भारतीय नूतन वर्ष की पूर्व संध्या पर नौका विहार तारामंडल परिसर में भारतीय नववर्ष अभिनंदन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, प्रांत प्रचारक रमेश, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. के.पी. कुशवाहा तथा प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।

कार्यक्रम में संस्कार भारती के कलाकारों, लोकगायक राकेश श्रीवास्तव तथा सरस्वती शिशु मंदिर पक्कीबाग के बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे वातावरण उत्सवमय हो उठा।
मुख्य अतिथि शिव प्रताप शुक्ल ने अपने संबोधन में कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से भारतीय नववर्ष का प्रारंभ होता है, जिसे देश के विभिन्न हिस्सों में गुड़ी पड़वा, उगादि, नवरेह, चेटीचंड जैसे विविध नामों से मनाया जाता है। उन्होंने भारतीय पंचांग की वैज्ञानिकता और सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नववर्ष केवल समय परिवर्तन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है। उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम के विराजमान होने को देश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए सभी को नववर्ष परंपरागत रूप से मनाने का आह्वान किया।
प्रस्ताविकी रखते हुए प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा कि भारतीय नववर्ष हमारी संस्कृति, परंपरा और मूल्यों का प्रतीक है। इसकी स्वीकृति और व्यापकता जितनी बढ़ेगी, उतना ही समाज और राष्ट्र सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराएं विश्व को शांति और मानवता का मार्ग दिखाने में सक्षम हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. स्मृति मल्ल ने किया तथा आभार ज्ञापन मनीष जैन ने प्रस्तुत किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान एवं भारत माता की आरती के साथ हुआ।
इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय
