

सारण, 11 मार्च (हि.स.)। जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता लाने और आमजन की सहूलियत के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्कोर की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने निबंधन कार्यालयों को अधिक जनोपयोगी बनाने के लिए कई कड़े और आधुनिक निर्देश दिए। जमीन खरीदारों को अब किसी खास खाता या खेसरा की जमीन कितनी बार बेची गई है, इसकी सटीक जानकारी निबंधन कार्यालय में स्थापित हेल्प डेस्क से मिल सकेगी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इस हेल्प डेस्क के माध्यम से जमाबंदी और खतियान से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। हेल्प डेस्क पर तैनात ऑपरेटरों को विशेष रूप से प्रशिक्षित करने का आदेश दिया गया है ताकि वे तकनीकी रूप से सक्षम होकर लोगों को सही जानकारी दे सकें। साथ ही कार्यालय के बाहर इन सेवाओं का विवरण प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। निबंधन विभाग की सेवाओं को और सुलभ बनाने के लिए अब व्हाट्सएप चैटबॉट प्रणाली विकसित की जाएगी। इसके लिए सक्षम तकनीकी एजेंसी के चयन हेतु निविदा प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है। इससे लोग घर बैठे मोबाइल के माध्यम से जमीन से जुड़ी जानकारियाँ प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि आगामी 1 अप्रैल से 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को जमीन निबंधन के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। मांग आधारित डोर स्टेप सुविधा के तहत उनके घर पर ही निबंधन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बैठक में जिला अवर निबंधक सहित सभी अवर निबंधक मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार
