सिलीगुड़ी, 16 मार्च (हि. स.)। सिलीगुड़ी विधानसभा सीट पर अपेक्षित रूप से भाजपा ने मौजूदा विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक शंकर घोष को ही उम्मीदवार बनाया है। साथ ही सिलीगुड़ी के पास स्थित डाबग्राम-फूलबाड़ी और माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीटों पर भी पार्टी ने अपने मौजूदा विधायकों पर भरोसा जताया है।

डाबग्राम-फूलबाड़ी सीट से वर्तमान विधायक शिखा चटर्जी को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट से आनंदमय बर्मन को फिर से टिकट दिया गया है। इसके अलावा सिलीगुड़ी महकमा की एक अन्य सीट फांसीदेवा से आदिवासी चेहरा दुर्गा मुर्मू को उम्मीदवार बनाया गया है।
शंकर घोष राज्य की राजनीति और भाजपा संगठन में एक जाना-पहचाना चेहरा बन चुके है। उनके उम्मीदवार बनने की संभावना पहले से ही लगभग तय मानी जा रही थी। हालांकि डाबग्राम-फूलबाड़ी सीट पर किसी राजबंशी चेहरे को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन अंततः पार्टी ने मौजूदा विधायक शिखा चटर्जी पर ही भरोसा किया।
माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट पर भी राजबंशी नेता आनंदमय बर्मन का कोई मजबूत विकल्प नहीं होने की वजह से पार्टी ने उन्हें ही फिर से टिकट दिया है।
इस बीच तृणमूल ने आरोप लगाया है कि शंकर घोष ने इलाके में कोई खास विकास नहीं किया। इसके जवाब में शंकर घोष ने कहा कि विकास कार्यों में राज्य सरकार ने सहयोग नहीं किया।
पिछले चुनाव में शंकर घोष ने तृणमूल के उम्मीदवार ओमप्रकाश मिश्रा को आसानी से हराया था। इस बार तृणमूल की ओर से किसी स्थानीय उम्मीदवार को टिकट देने की संभावना जताई जा रही है। फिर भी शंकर घोष खुद को लेकर आश्वस्त हैं और दीवार लेखन के जरिए चुनाव प्रचार शुरू कर चुके है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार
