जबलपुर, 07 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से सिवनी के बहुचर्चित 2.97 करोड़ रुपये के हवाला लूट कांड में आरोपी वीरेंद्र दीक्षित को राहत मिली है। न्यायमूर्ति डीएन मिश्रा की एकल पीठ ने शनिवार को मामले की सुनवाई के बाद वीरेंद्र दीक्षित की नियमित जमानत मंजूर कर ली है।

कोर्ट में वीरेंद्र की तरफ से बचाव पक्ष ने दलील दी कि पुलिस के पास व्हाट्सएप चैट की कोई ठोस रिकवरी नहीं है और वीरेंद्र ने जांच में पूरा सहयोग किया है। इसके साथ ही यह तर्क भी दिया कि वीरेंद्र और पूजा पांडे के बीच बातचीत पारिवारिक कारणों से हो रही थी, क्योंकि पूजा पांडे का परिवार उस समय वीरेंद्र के घर पर ही रुका हुआ था।

न्यायालय ने तथ्यों पर विचार करते हुए और चार्जशीट दाखिल होने की स्थिति को देखते हुए वीरेंद्र दीक्षित को जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए।
यह मामला अक्टूबर 2025 का है, जब सिवनी के लखनवाड़ा क्षेत्र में पुलिस ने हवाला की एक बड़ी राशि जब्त की थी। बाद में खुलासा हुआ कि तत्कालीन एसडीओपी पूजा पांडे और अन्य पुलिसकर्मियों ने मिलकर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये हड़प लिए थे। इस मामले में पुलिस ने वीरेंद्र दीक्षित को भी आरोपी बनाया था, क्योंकि वे मुख्य आरोपी पूजा पांडे के रिश्तेदार हैं और घटना के समय उनके बीच लगातार फोन पर बातचीत और व्हाट्सएप संदेशों का आदान-प्रदान हुआ था।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक
