श्रीनगर, 06 अप्रैल(हि.स.)। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने जम्मू-कश्मीर में झीलों और जल निकायों के क्षरण पर प्रकाश डाला है और बताया है कि कई या तो गायब हो गए हैं या सिकुड़ गए हैं। ये निष्कर्ष विधानसभा में पेश नवीनतम ऑडिट रिपोर्ट का हिस्सा हैं जो जल निकायों के संरक्षण और प्रबंधन पर केंद्रित है।

ऑडिट के अनुसार कुछ झीलें लगभग सूख गईं या अब दिखाई नहीं देतीं, जबकि अन्य के आकार में उल्लेखनीय कमी देखी गई। रिपोर्ट में सीमित वित्तीय आवंटन और कई झीलों के लिए व्यापक संरक्षण योजना की कमी की ओर भी इशारा किया गया है
ये टिप्पणियाँ दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता और संरक्षण उपायों की प्रभावशीलता के बारे में चिंताएँ बढ़ाती हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता
