कानपुर, 24 मार्च (हि.स.)। किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ना समय की जरूरत है, इससे उनकी उत्पादकता और आय दोनों में वृद्धि संभव है। यह बातें मंगलवार काे चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय से 50 किसानों के दल को दो दिवसीय प्रशिक्षण के लिए रवाना करते समय निदेशक प्रसार डॉ. वी.के. त्रिपाठी ने कहीं।

उन्होंने बस को हरी झंडी दिखाकर किसानों के दल को बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बांदा एवं चित्रकूट बुन्देलखण्ड के लिए रवाना किया।
इस कृषक भ्रमण का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों और कृषि की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराना है, ताकि वे अपनी उपज और आय में सुधार कर सकें।
डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि किसान प्रशिक्षण के दौरान विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों का जायजा लेंगे और अपने कौशल व कार्यक्षमता को बढ़ाएंगे।
किसानों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्नतशील बीज, न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।
भ्रमण दल के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश राय ने बताया कि किसानों को फसलों में होने वाले नुकसान और उसके समाधान से संबंधित जानकारी भी दी जाएगी।
इस दौरान वैज्ञानिक डॉ. भूपेंद्र कुमार सिंह, डॉ. विनोद प्रकाश, डॉ. खलील खान सहित अन्य प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
