रांची, 04 अप्रैल (हि.स.)। रांची में भू-राजस्व से जुड़े मामलों की समीक्षा बैठक में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि जमीन माफिया के साथ किसी भी तरह की सांठगांठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई अंचल अधिकारी (सीओ), सर्किल इंस्पेक्टर (सीआई) या कर्मचारी इसमें शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने लंबित दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) आवेदनों की अंचलवार समीक्षा की। 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को लेकर अनगड़ा अंचल के एक कर्मचारी को शोकॉज करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि 10 डिसमिल से कम जमीन के म्यूटेशन मामलों का निष्पादन युद्ध स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि जनता दरबार में ऐसे लंबित मामले आने पर संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।
उपायुक्त ने विभिन्न अंचलों से मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में कांके अंचल में अवैध बाउंड्री वॉल निर्माण के मामले में एक राजस्व कर्मचारी को निलंबित करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने खारिज किए गए म्यूटेशन मामलों की भी समीक्षा कराने का निर्देश देते हुए प्रत्येक अंचल से 10-10 मामलों का रैंडम चयन कर जांच करने को कहा। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ आरोप पत्र गठित किया जाएगा।
इसके अलावा पंजी-2 में सुधार से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी अंचल अधिकारियों को दो माह के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। तकनीकी कारणों से लंबित मामलों की भी समय पर सूचना देने को कहा गया।
बैठक में अपर समाहर्त्ता सहित सभी अंचल अधिकारी, सीआई और कर्मचारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar
