उत्तरकाशी, 25 जनवरी (हि.स.)। जिले भर में मानसून की पहली बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी काश्तकारों और बागवानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं मानी जा रही है। इस वर्षा से सेब,आड़ू,प्लम और कीवी जैसी बागवानी फसलों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, नए बगीचे लगाने की तैयारी कर रहे बागवानों के लिए भी यह समय अत्यंत अनुकूल बताया जा रहा है।

कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वयक डॉ.कमल पांडे ने बताया कि सीजन की पहली बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में हुई बर्फबारी से मिट्टी में पर्याप्त नमी आ गई है,जिससे पौधों के जीवित रहने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मिट्टी भुरभुरी और नमी युक्त है, जो पौध रोपण के लिए सर्वोत्तम स्थिति मानी जाती है।
डॉ.पांडे ने बताया कि इस वर्षा का लाभ खाद्यान्न फसलों को भी मिलेगा। गेहूं,मटर,प्याज, लहसुन सहित अन्य रबी फसलों के लिए यह नमी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने बागवानों से अपील की कि वे इस अनुकूल मौसम का लाभ उठाते हुए नए बगीचों की तैयारी करें और पौध रोपण का कार्य समय पर पूरा करें।
मानसून की पहली बारिश और बर्फबारी से क्षेत्र के किसानों और बागवानों में उत्साह का माहौल है और लोग अच्छी पैदावार की उम्मीद कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / चिरंजीव सेमवाल
