नई दिल्ली, 15 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बुधवार को कक्षा 10 की परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष कुल 93.70 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जो पिछले वर्ष के 93.66 प्रतिशत की तुलना में 0.04 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्शाता है।

बोर्ड के अनुसार, इस वर्ष 24,83,479 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 24,71,777 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए और 23,16,008 छात्र-छात्राएं सफल घोषित किए गए। परीक्षा का आयोजन 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 तक किया गया था।
क्षेत्रवार प्रदर्शन में त्रिवेंद्रम और विजयवाड़ा क्षेत्र 99.79 प्रतिशत के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहे, जबकि चेन्नई (99.58 प्रतिशत) और बेंगलुरु (98.91 प्रतिशत) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। दिल्ली पश्चिम और दिल्ली पूर्व क्षेत्र का पास प्रतिशत क्रमशः 97.45 और 97.33 रहा।
परिणाम में छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों के मुकाबले बेहतर रहा। परिणामों के मुताबिक 94.99 प्रतिशत छात्राएं पास हुईं, जबकि 92.69 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए। ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों का पास प्रतिशत 87.50 रहा।
संस्थागत प्रदर्शन की बात करें तो केन्द्रीय विद्यालय (केवी) ने 99.57 प्रतिशत के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया, इसके बाद जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) 99.42 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहे। सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों का पास प्रतिशत क्रमशः 91.43 और 91.01 रहा।
विदेशी स्कूलों का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा, जहां पास प्रतिशत 99.10 दर्ज किया गया।
इस वर्ष परीक्षा में कुल 2,21,574 छात्रों ने 90 प्रतिशत या उससे ज़्यादा अंक हासिल किए। इनमें से 55,368 छात्रों ने 95 प्रतिशत से ज़्यादा अंक प्राप्त किए। इस वर्ष बड़ी संख्या में छात्रों ने 90 प्रतिशत और उससे अधिक अंक हासिल किए, जो छात्रों के बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन को दर्शाता है।
सीबीएसई ने बताया कि 1,47,172 छात्रों को कंपार्टमेंट श्रेणी में रखा गया है, जो कुल उम्मीदवारों का 5.95 प्रतिशत है। इन छात्रों को परीक्षा के दूसरे चरण में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा। पिछले वर्ष 5.96 प्रतिशत की तुलना में यह मामूली कमी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार
