शिमला, 10 फ़रवरी (हि.स.)। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि सुन्नी क्षेत्र में पेयजल संकट से निपटने के लिए लगभग 25 करोड़ रुपये की योजना पर तेजी से काम चल रहा है और अगले एक महीने के भीतर यह परियोजना शुरू हो जाएगी, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर पानी की सुविधा मिल सकेगी। वह मंगलवार को शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के सुन्नी में आयोजित पीपल संस्कार पूजा कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि सुन्नी अस्पताल में खाली पड़े पदों को भरने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं और इस संबंध में वह समय-समय पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से चर्चा कर रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुन्नी में क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है और इसके लिए बजट स्वीकृति प्राप्त करने का मामला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस परियोजना के लिए लगभग 25 करोड़ रुपये की राशि जल्द स्वीकृत होने पर भवन निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा।

मंत्री ने कहा कि सुन्नी क्षेत्र में कई अन्य विकास कार्य भी चल रहे हैं, जिनमें इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाना, सोलर लाइट्स स्थापित करना और सुन्नी बाजार में नालियों का निर्माण शामिल है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं में सुधार होगा।
इस दौरान विक्रमादित्य सिंह अपनी पत्नी डॉ. अमरीन सिंह के साथ सुन्नी चौक में आयोजित पीपल संस्कार पूजा में भी शामिल हुए और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पीपल वृक्ष के सात फेरे लिए। उन्होंने बताया कि यह पीपल का पौधा वर्ष 2014-15 में उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह ने लगाया था। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पूर्वजों के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
