सूरजपुर, 17 मार्च (हि.स.)। उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश और रूसा 2.0 के तहत शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय में श्री अन्न (मिलेट्स) फूड फेस्टिवल का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मिलेट्स आधारित व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई और इसके पोषण गुणों की जानकारी हासिल की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय, अम्बिकापुर के कुलसचिव डॉ. एस.पी. त्रिपाठी ने अपने संबोधन में मिलेट्स को स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा बताते हुए इसके नियमित उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से बचने के लिए मिलेट्स का सेवन आवश्यक है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है।
बीज वक्ता के रूप में कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. एस.के. सिन्हा ने मिलेट्स की प्राचीन कृषि परंपरा और इसकी विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह फसल कम पानी में तैयार हो जाती है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी सफलतापूर्वक उगाई जा सकती है, जिससे यह किसानों के लिए भी लाभकारी है।
मुख्य वक्ताओं डॉ. आर.एन. कच्छप और डॉ. महेश मिश्रा ने मिलेट्स को आधुनिक पोषण विज्ञान में ‘सुपरफूड’ बताते हुए कहा कि इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह ग्लूटेन मुक्त होने के साथ-साथ पाचन और प्रतिरक्षा तंत्र के लिए भी लाभदायक है।
फेस्टिवल का विशेष आकर्षण कोरिया मिलेट्स कैफे रहा, जहां विभिन्न मिलेट्स व्यंजनों जैसे रागी चीला, ज्वार चीला, कोदो खीर, मिलेट्स मंचूरियन और अन्य खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन किया गया। टीम द्वारा इन व्यंजनों की निर्माण प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। समूह की इस पहल को पहले भी सराहना मिल चुकी है और यह महिलाओं के लिए स्वरोजगार का सफल उदाहरण बनकर उभरा है।
कार्यक्रम में संयुक्त कलेक्टर पुष्पेंद्र शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.एन. दुबे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में प्राध्यापकगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय
