सोनीपत, 06 अप्रैल (हि.स.)। नीदरलैंड

में पेड़ की छंटाई करते समय हुए हादसे में गांव माजरी के सागर राणा (23) की मौत हो
गई। सोमवार दोपहर जब पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़
गई। अंतिम दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और गमगीन माहौल में
पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। स्वजन और ग्रामीणों की आंखें नम दिखाई
दीं।
परिजनों
के अनुसार सागर बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाना चाहता था। इसी दौरान उसका संपर्क
एक एजेंसी से हुआ, जिसने उसे फ्रांस में सेना में भर्ती कराने का झांसा दिया और टूरिस्ट
वीजा पर फ्रांस भेज दिया। वहां पहुंचने के बाद न तो भर्ती हुई और न ही कोई स्थायी रोजगार
मिला। मजबूरी में सागर को एक निजी कंपनी में कम वेतन पर काम करना पड़ा। इसके बाद जनवरी
2026 में वह नीदरलैंड चला गया और छोटे-मोटे काम करने लगा। 21 मार्च को वह एक निजी स्थान
पर पेड़ काटने का काम कर रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह ऊंचाई से नीचे गिर
गया। गिरने से उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। साथियों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया,
जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
सोमवार
को पार्थिव शरीर दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां से एंबुलेंस के माध्यम से गांव
माजरी लाया गया। शव के घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां नीलम को हादसे
की जानकारी पहले नहीं थी। बेटे का पार्थिव शरीर देखते ही वह गहरे सदमे में चली गईं
और उनका रो-रो कर बुरा हाल हो गया। परिवार के अन्य सदस्य भी शोक में डूबे दिखाई दिए।
ग्रामीणों की बड़ी संख्या घर पहुंची और परिवार को सांत्वना दी। पूरे गांव में शोक का
माहौल बना हुआ है।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना
