उत्तरकाशी, 02 फ़रवरी (हि.स.)। बड़कोट के स्याना चट्टी में मानसून काल में बनी झील से करीब 50490 टन उपखनिज हटाने के लिए शासनादेश जारी हो गया है। इस से एक ओर जहां झील में पसरा सिल्ट से सरकार को करीब 82 लाख का रिवेन्यू मिलेगा । वहीं आपदा प्रभावित क्षेत्र में पुनर्निर्माण, विकास और स्थानीय लोगों की आजीविका को नई गति मिलेगी।

स्याना चट्टी झील करीब 4250 वर्गमीटर भूमि में करीब 50490 टन उपखनिज (आबीएम, रेत एवं सिल्ट) की निकासी हेतु रिवर ड्रेजिंग अनुज्ञा की अनुमति अधिकतम 6 माह अथवा दिनांक 30 जून, 2026 जो भी पहले हो तक की अवधि के लिए रॉयल्टी आदि की आंकलित धनराशि रू0 81,99,576/ (रू० इक्यासी लाख निन्यानबे हजार पांच सौ छियत्तर मात्र) को जमा कराये जाने की शर्त पर अनुमति दी गई है।
भाजपा मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि यमुनोत्री विधानसभा के स्याना चट्टी आपदा क्षेत्र में पीड़ितों का दर्द, साफ झलक रहा था।
जिसके चलते 16 जनवरी से आपदा प्रभावितों ने अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि मेरे आश्वासन पर धरना समाप्त किया था जिसके बाद मेरे द्वारा मुख्यमंत्री जी से वार्ता किया गया है।
मुख्यमंत्री ने मामले का तत्काल संज्ञान लेकर स्याना चट्टी झील से मलवा उठाने के लिए शासनादेश जारी कर दिया।उन्होंने बताया कि स्यानाचट्टी क्षेत्र में खनन,उपखनिज की निकासी हेतु रिवर ड्रेजिंग अनुदा की अनुमति से जुड़े कार्यों को स्वीकृति दी गई है,जिससे आपदा प्रभावित क्षेत्र में पुनर्निर्माण, विकास और स्थानीय लोगों की आजीविका को नई गति मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / चिरंजीव सेमवाल
