हरिद्वार, 16 मार्च (हि.स.)। हाल ही में स्वामी प्रबोधानंद गिरि के जूना अखाड़े के चार श्रीमहंतों के निष्कासन के निर्णय और उन पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद संत समाज में विवाद गहराता नजर आ रहा है। अब इस मामले में जूना अखाड़ा के संत स्वामी उमेश पुरी महाराज ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी प्रबोधानंद पर तीखा हमला बोला है।

स्वामी उमेश पुरी महाराज ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि स्वामी प्रबोधानंद के सभी आरोप निराधार और असत्य हैं। पुरी ने आरोप लगाया कि प्रबोधानंद स्वयं समाज विरोधी तत्वों के हाथों का खिलौना बन गए हैं और सनातन परंपरा को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।
स्वामी उमेश पुरी ने कहा कि सनातन परंपरा को अलंकृत करने वाले संतों और अखाड़ों के खिलाफ इस प्रकार के आरोप लगाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान से न केवल संत समाज बल्कि संपूर्ण सनातन परंपरा का भी अपमान हुआ है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य के लिए स्वामी प्रबोधानंद को माफी नहीं दी जा सकती। संत समाज इस प्रकार की हरकतों को गंभीरता से ले रहा है और उचित मंच पर इसका जवाब दिया जाएगा। पुरी ने आरोप लगाया कि प्रबोधानंद स्वयं चरित्रहीन व्यक्ति हैं।
उधर, इस पूरे मामले को लेकर संत समाज के भीतर भी चर्चाओं का दौर जारी है और आने वाले दिनों में अखाड़ा परिषद या संबंधित संतों की ओर से इस मामले में कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।
फिलहाल इस विवाद के कारण हरिद्वार के संत समाज में हलचल बनी हुई है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला
