मंदसौर, 11 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर में कलेक्टर अदिती गर्ग ने बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएससी) पर ओपीडी में पदस्थ सीएचओ, मेडिकल आफिसर एवं डॉक्टर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। बिना किसी लिखित सूचना के अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सीधे निलंबन की कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पीएससी पर डॉक्टर नियमित रूप से बैठें, मरीजों की जांच कर उचित उपचार प्रदान करें तथा स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। अनुपस्थित की सूचना किसी भी माध्यम से प्राप्त होने पर होगी कार्यवाही। उन्होंने निर्देश दिए कि सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलने वाली ओपीडी व्यवस्था की लाइव मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
बैठक में एचपीवी टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन पूर्णत: सुरक्षित है। आमजन किसी भी प्रकार की गलत एवं भ्रामक बातों पर ध्यान न दें। स्वास्थ्य विभाग इस संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए। प्रतिदिन लक्ष्य निर्धारित कर टीकाकरण कार्य को गति दी जाए। जिला शिक्षा अधिकारी संकुल प्राचार्यों को निर्देशित करें कि स्कूल इस अभियान में सक्रिय सहयोग दें। 17 मार्च तक सभी स्कूलों में आठवी एवं नवी क्लास के बच्चों की पैरेंट्स टीचर्स मीटिंग आयोजित की जाए। जिसमें एचपीवी वैक्सीनेशन के संबंध में पेरेंट्स को जागरूक किया जाए। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करें और बच्चों के साथ टीकाकरण केंद्र आने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए जिला स्तरीय टीम भी गठित की जाए जो घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें।
कलेक्टर ने गर्भवती माताओं के एएनसी रजिस्ट्रेशन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सेक्टर एवं गांव स्तर पर शिविर लगाकर एएनसी रजिस्ट्रेशन तथा गर्भवती माताओं की समग्र आईडी बनवाई जाए। जिन क्षेत्रों में एएनसी रजिस्ट्रेशन में गैप है उसे जल्द पूर्ण किया जाए। इसके लिए लाइन लिस्टिंग तैयार कर कार्य किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों में 4 एएनसी चेकअप की प्रगति 50 प्रतिशत से कम है वहां विशेष शिविर लगाए जाएं और शत-प्रतिशत चेकअप सुनिश्चित किए जाएं। मॉडरेट एनीमिया के मामलों में सीएचओ बेहतर कार्य करें तथा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं को चिन्हित कर उनका समुचित उपचार किया जाए। एएनसी जांच में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर अथवा नर्स के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए और कहा कि बच्चों को पूर्ण उपचार के पश्चात ही पोषण पुनर्वास केंद्र से छुट्टी दी जाए। बैठक में दस्तक अभियान एवं टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि एनसीडी कार्यक्रम में बेहतर कार्य करने वाली सीएचओ को सम्मानित किया जाए। साथ ही आगामी बैठक में सर्वाइकल कैंसर की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
एंबुलेंस के खराब होने या बंद होने की स्थिति में दूसरी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराने पर पेनल्टी की कार्यवाही करें। एंबुलेंस के संबंध में जीपीएस डाटा भोपाल से मंगवाये। पीएम राहत योजना अंतर्गत जिन निजी अस्पतालों ने पंजीयन नहीं करवाया है, उन सभी अस्पताल को नोटिस जारी करें। ब्लॉक स्तर पर रोगी कल्याण समिति की बैठक लगातार आयोजित करवाए।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया
