हमीरपुर, 05 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में रविवार को शाम अचानक बदले मौसम ने किसानों पर कहर बरपा दिया। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने हमीरपुर और मौदहा क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। खेतों में खड़ी तथा कटी-पकी गेहूं की फसल पूरी पानी में भीग गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए उपजिलाधिकारी ने आधा दर्जन गांवों में खेतों में जाकर पानी से भीगी फसलोंको देखा।

मौदहा तहसील क्षेत्र में शाम तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसलों के नुकसान का जमीनी हकीकत जानने के लिए उपजिलाधिकारी करनवीर सिंह आधा दर्जन गांवों में मौके पर पहुंचे। उन्होंने गेहूं, चना की कटी हुई फसलों को देखा और किसानों को हर सम्भव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। किसानों के अनुसार अभी भी करीब 30 प्रतिशत गेहूं की फसल खेतों में खड़ी थी, लेकिन ओलावृष्टि ने उसे भी बर्बाद कर दिया।
इससे पहले मंगलवार और गुरुवार को हुई बारिश व ओलावृष्टि से आंशिक नुकसान हुआ था, लेकिन इस बार की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों का कहना है कि इस समय लगभग 60 प्रतिशत गेहूं की कटाई ही हो सकी थी। पिछले कुछ दिनों से मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण किसानों में चिंता बनी हुई थी कि कहीं फसल घर पहुंचने से पहले ही नष्ट न हो जाए। उनकी यह आशंका हकीकत में बदल गई। दिन में मौसम सामान्य रहा, लेकिन शाम करीब चार बजे के बाद अचानक बादल छा गए और तेज आंधी के साथ बारिश व ओले गिरने लगे। तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी फसल गिरकर गई।
एसडीएम मौदहा करनवीर सिंह ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की रिपोर्ट मिली है। उन्होंने भी मौके पर जाकर नुकसान को देखा है। वहीं राजस्व टीमों को भी मौके पर भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किसानों को शासन स्तर से हर संभव मदद दिलाई जाएगी।
उधर, हमीरपुर शहर और आसपास के इलाकों में आज शाम बारिश के साथ ओले गिरने से किसानों में मायूसी छा गई है। ओले की बारिश से हाईवे में वाहनों की रफ्तार में ब्रेक लग गया, कई वाहनों के शीशे भी ओले गिरने से टूट गए।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा
