विधानसभा में बजट प्रस्तावों पर 450 मिनट चलेगी चर्चा

चंडीगढ़, 05 मार्च (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा दो मार्च को पेश किए गए बजट पर गुरुवार को चर्चा शुरू हो गई। पहले दिन चर्चा के दौरान कर्ज के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नायब सैनी तथा नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा के बीच तीखी बहस हुई। स्पीकर ने बजट पर चर्चा शुरू करवाने से पहले बताया कि भाजपा के विधायक 240 मिनट, कांग्रेस विधायक 185 मिनट, इनेलो विधायक दस मिनट तथा निर्दलीय विधायक 15 मिनट इस चर्चा में भाग लेंगे।

चर्चा के दौरान बजट पूर्व बैठकों में विपक्ष के विधायकों को शामिल नहीं करने पर हंगामा हो गया। सत्ता पक्ष के विधायकों ने कहा कि विपक्ष के विधायकों को जनता के हितों से कोई वास्ता नहीं है। मुख्यमंत्री ने प्री-बजट बैठक बुलाई थी, लेकिन विपक्ष के विधायक नहीं आए। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सदन में कहा कि राज्य पर कर्जा लगातार बढ़ता जा रहा है। विपक्ष नहीं चाहता था कि वह उस प्री-बजट बैठक में भागीदारी करे, जहां कर्ज चढ़ाने के लिए चर्चा होती है, कर्ज उतारने के लिए नहीं।
हुड्डा के इस आरोप पर सदन का माहौल गर्म हो गया। सत्ता पक्ष के विधायकों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि कांग्रेस के समय में कर्ज खतरे के निशान तक पहुंच गया था, लेकिन भाजपा सरकार इसे नीचे लेकर आई है। अब नए कड़े नियमों (मानदंड) के तहत कर्ज लिया जा रहा है, जो कि धीरे-धीरे उतर भी रहा है। नायब सैनी ने हुड्डा को जवाब दिया कि कांग्रेस के समय का बिजली कंपनियों का सारा कर्ज इस साल के आखिर तक उतर जाएगा। उसके बाद बाकी कर्ज कम होता चला जाएगा। इसलिए कर्ज को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है।
बेरी के कांग्रेस विधायक डा. रघुबीर कादियान ने बजट भाषण पर चर्चा आरंभ करते हुए एसवाईएल नहर निर्माण की प्रतिबद्धता बजट में नहीं होने पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि हर साल एसवाईएल नहर निर्माण के लिए बजट का प्रावधान किया जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि पहले कई बार प्रधानमंत्री से मिलकर एसवाईएल पर हरियाणा के हक में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू कराने की बात की जाती रही है, लेकिन अभी तक ऐसी पहल नहीं हुई है, जिस पर भाजपा को गंभीरता से सोचना चाहिए। उद्योग मंत्री राव नरबीर ने जवाब दिया कि यह मुद्दा 1987 से चल रहा है और आज तक एसवाईएल का पानी हरियाणा में नहीं आया है। हरियाणा में पानी जरूर आएगा और लोगों को मोदी पर भरोसा रखना चाहिए।
नूंह के कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लचर हो चुकी है। अति आकांक्षावान जिला होने के बावजूद नूंह की शिक्षा प्रणाली ठीक नहीं है।
बाढड़ा से विधायक उमेद पातुवास ने कहा कि यह आम जनता का बजट है और इसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। पहले कुछ जिलों को ही बजट में महत्व दिया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। पहले भिवानी से खेड़ी मोड़ और महेंद्रगढ़ तक जाते थे तो पता चलता था कि उनकी अनदेखी की गई है। पातुवास ने कहा कि सरकार खेलों के लिए भी काम कर रही है और इस बजट में 21 नए खेल स्टेडियम बनाने की बात कही गई है, जिससे आने वाले मिशन ओलिंपिक का ध्यान रखा जा सके।
पानीपत के विधायक प्रमोद विज ने विधानसभा में जीएसटी 2.0 पर बोलते हुए कहा कि यह करों में सुधार कर रहा है। जीएसटी में पहले अलग-अलग चार स्लैब थे, लेकिन अब इसमें दो स्लैब – 5 और 18 प्रतिशत के हैं। लग्जरी वस्तुओं के लिए 40 प्रतिशत का एक अलग स्लैब है। दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती हुई हैं और 99 प्रतिशत वस्तुएं 5 प्रतिशत स्लैब में आई हैं। बजट के बाद महिलाएं सोचेंगी कि रसोई का काम अब पहले से सस्ता होगा। इंद्री के विधायक राम कुमार कश्यप ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि इसमें 2047 तक हरियाणा को विकसित करने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने गुरु गोविंद जी का सिद्धांत पढक़र भाषण पढ़ा, जो कि पहली बार हुआ है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
