चंडीगढ़, 28 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा में भी चुनाव आयोग द्वारा मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) होने के संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। प्रदेश में मतदाता सूचियों के मिलान के दौरान 29 लाख के लगभग मतदाताओं को संदिग्ध कैटेगरी में डाला गया है। भाजपा ने एसआईआर को लेकर प्रदेश स्तरीय कमेटी का गठन किया है।

असंध विधायक योगेंद्र राणा की अध्यक्षता में बनाई गई पांच सदस्यीय कमेटी में प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण यादव, पूर्व प्रदेश सचिव मनीष यादव तथा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुलेख डिडवाडा को बतौर सदस्य शामिल किया है। यह कमेटी एसआईआर के संचालन के समय आने वाली किसी भी समस्या का समाधान करने में अहम भूमिका निभाएगी।

बिहार के विधानसभा चुनावों से पहले वहां हुए एसआईआर का विपक्षी दलों ने डटकर विरोध किया था। अक्तूबर-2024 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा की सरकार तीसरी बार बनने और पॉजिटिव माहौल के बाद भी सरकार से दूर रहने के बाद कांग्रेस ने वोट चोरी व ईवीएम में धांधली के आरोप लगाए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी ‘एच फाइल्स’ के जरिये यह आरोप लगा चुके हैं कि हरियाणा में 25 लाख से अधिक फर्जी वोटर हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने एसआईआर कमेटी के साथ-साथ प्रदेश बजट टोली भी गठित की है। पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता की अध्यक्षता में बनाई गई इस कमेटी में पूर्व वित्त मंत्री जयप्रकाश दलाल, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता जवाहर यादव, प्रदेश सोशल मीडिया प्रमुख अरुण यादव तथा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य वरुण श्योराण को भी शामिल किया है। यह कमेटी केंद्रीय बजट के अलावा हरियाणा के वार्षिक बजट को लेकर लोगों से संवाद करेगी और अहम फैसलों व बजट घोषणाओं को लेकर आम लोगों तक पहुंचाने की रणनीति भी बनाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
