कामरूप (असम), 09 फरवरी (हि.स.)। दक्षिण कामरूप के बरटारी के कंदलपारा किसान समुदाय के सहयोग से एक दिवसीय विभिन्न कार्यक्रमों के तहत साेमवार काे बरलुईत के किनारे तीसरा वार्षिक बरलुईत किसान महोत्सव और हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया।

सुबह ध्वज फहराने के साथ पूरे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत हुई। बरलुईत किसान महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष और पूर्व शिक्षक भूपेन कलिता ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद प्रणमो ब्रह्मपुत्र कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रणमो ब्रह्मपुत्र कार्यक्रम का संचालन अमटोला गांव के विशिष्ठ समाजसेवक गौरंग दास ने किया।
तीसरे कार्यक्रम में किसानों की उपस्थिति में भूमि पूजन किया गया। विशिष्ट व्यक्ति रत्नेश्वर कलिता ने भूमि पूजन किया। साथ ही दो पौध रोपण किया गया, जिन्हें दो पूर्व शिक्षक फुकन दास और प्राणेश्वर महंत ने लगाया। दोपहर में लगभग 300 से अधिक नाम संकीर्तन करने वाली महिलाओं ने नाम प्रसंग किया। दोपहर में बरलईत किसान महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष भूपेन कलिता की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया।
सभा की शुरुआत में स्वागत भाषण महोत्सव के सचिव बिमल महंत ने दिया। सभा में हिंदुत्व की विश्वव्यापक प्रासंगिकता के साथ-साथ किसानों के मूलभूत उत्थान को कैसे किया जा सकता है, इस पर भारतीय किसान संघ के असम, मेघालय और नगालैंड के संगठन मंत्री कृष्णकांत बोरा ने अपने विचार व्यक्त किये। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल की यात्रा पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दक्षिण कामरूप क्षेत्र के सह कार्यवाह दीपक दास ने अपने विचार व्यक्त किये।
अध्यक्ष फुकन दास ने सभा में ब्रह्मपुत्र नदी के तट कटाव को रोकने के लिए असम सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। अंत में विश्व हिंदू परिषद, दक्षिण कामरूप जिले के साधारण सचिव सीमांत नाथ के संबोधन के साथ सभा संपन्न हुई।——————-
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
