हिसार, 02 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा राज्य फार्मेसी

काउंसिल ने राज्य के फार्मासिस्टों को बड़ी राहत देते हुए रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण के
लिए तीन महीने की ग्रेस पीरियड देने की घोषणा की है। यह सुविधा उन सभी फार्मासिस्टों
के लिए लागू होगी, जिनका रजिस्ट्रेशन वर्ष 2020 या उससे पहले समाप्त हो चुका है।
काउंसिल के चेयरमैन बीबी सिंगल व इग्जेक्युटिव
कमेटी सदस्य रविन्द्र चोपड़ा ने गुरुवार काे बताया कि राज्य में करीब 70 हजार
फार्मासिस्ट पंजीकृत हैं, जिनमें से लगभग 10 हजार फार्मासिस्टों, जिनका रजिस्टे्रशन
दिसंबर 2020 को समाप्त हो गया था, उन्होंने अभी तक अपना रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं करवाया
है। यह निर्णय काउंसिल की कार्यकारणी की बैठक में लिया गया।
इग्जेक्युटिव कमेटी सदस्य रविन्द्र चोपड़ा ने
बताया कि ऐसे सभी फार्मासिस्टों को 30 जून तक अपना नवीनीकरण करवाना अनिवार्य है। निर्धारित
समय सीमा के भीतर आवेदन न करने पर संबंधित फार्मासिस्ट का नाम फार्मासिस्ट रजिस्टर
से हटा दिया जाएगा। काउंसिल के अनुसार 1 जुलाई से नवीनीकरण में देरी करने वालों पर
प्रति वर्ष 500 रुपये का लेट फीस लागू होगा, जो रजिस्ट्रेशन समाप्त होने की तारीख से
प्रभावी होगा। साथ ही नए नियमों के अनुसार कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि
कार्यकारिणी में यह फैसला लिया गया कि जिन्होंने रजिस्ट्रेशन की अवधि समाप्त होने के
पांच वर्ष तक नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया, तो उनका नाम रजिस्टर से भविष्य में
काट दिया जाएगा। यह निर्णय आगे भी लागू रहेगा। एक बार रजिस्टर से नाम कटने के बाद फार्मासिस्ट
को अपना नाम रिस्टोरेशन के लिए आवेदन करते हुए नवीनीकरण ना करवाने का कारण भी बताना
होगा। उसके बाद उसके आवेदन को तथ्यों सहित काउंसिल की कार्यकारणी के पास रखा जाएगा
और कार्यकारिणी को तथ्य सही लगे, तभी उसका रजिस्ट्रेशन बहाल किया जाएगा।
इग्जेक्युटिव कमेटी सदस्य रविन्द्र चोपड़ा ने
सभी फार्मासिस्टों से अपील की है कि वे तय समय सीमा के भीतर अपना रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण
करवाकर किसी भी प्रकार की असुविधा से बचें।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर
