
200 फार्मो

में से 110 फार्म सही पाए गए, बाकी हुए रिजेक्ट

हिसार,
10 फरवरी (हि.स.)। नारनौंद के खंड कार्यालय में जिला प्रशासन एवं रेड क्रॉस सोसायटी
की ओर से कृत्रिम अंग और ट्राई रिक्शा पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में
दिव्यांग परेशान नजर आए और अधिकतर दिव्यांगों को निराश होकर घर लौटना पड़ा। कार्यालय
में मंगलवार को आयोजित शिविर में जिन दिव्यांगों के परिजनों के पास कोई साधन नहीं था, वह किराए की गाड़ी लेकर इस शिविर में पहुंचे। प्रशासन की ओर से कोई सुविधा उपलब्ध नहीं
करवाई गई। पीने के पानी के लिए भी उन्हें भटकना पड़ा। व्हील चेयर का प्रबंध नहीं किया
गया।
अलग-अलग गांवों से करीब 200 दिव्यांग अपने फॉर्म लेकर पहुंचे थे जिनमें से
110 लोगों के ही फार्म सही पाए गए बाकी 90 फार्मो को रिजेक्ट कर दिया गया। कापड़ों
के रोहतास, राखी शाहपुर की माया ने बताया कि रिक्शा टूट चुकी हैं। फार्म तो भरा है
लेकिन उम्मीद कम है। पहले जो शर्तें होती थी, अबकी बार वो बदल दी गई हैं। नारनौंद की
रेखा ने बताया कि रिक्शा टूट चुकी हैं, अब हम क्या करें। इनको ठीक करवाने का सामान
भी नहीं मिलता। सरकार को अगर दिव्यांगों की मदद ही करनी है तो इन शर्तों में ढील देनी
चाहिए।
नारनौंद
की बुजर्ग महिला गिना देवी ने बताया कि वो चल नहीं सकती। ट्राई रिक्शा के लिए फार्म
भरा है लेकिन ट्राई रिक्शा कब मिलेगी इसकी अभी कोई उम्मीद नहीं है। बड़ी मुश्किल से
कागजात को तैयार करवाया है सरकार अगर दिव्यांगों की सहायता करवानी चाहती है तो सर्व
करवरकर घरों पर ही कृत्रिम अंग या रिक्शा देने का काम करना चाहिए। शमशेर ने बताया कि
2022 में ट्राई रिक्शा के लिए फार्म भरा था, 2023 में मिली थी जो कि खराब हो चुकी हैं।
काफी बार रास्ते में बंद हो जाती हैं। आज फॉर्म भरने के लिए पहुंचे तो उन्होंने यह
कहकर रिजेक्ट कर दिया की पांच साल बाद मिलेगी। अगर सरकार नई रिक्शा नहीं देती तो कम
से कम इनका मेंटेनेंस का सामान ही उपलब्ध करवा दे।
इस संबंध
में बात करने पर हिसार रेड क्रॉस से वेद प्रकाश ने बताया कि दिव्यांगों द्वारा करीब
200 फॉर्म फॉर्म जमा करवाए हैं। जो सरकार की गाइडलाइन है, उनके अनुसार ही फार्म लिए
गए है। फार्मो की जांच के बाद 90 फॉर्म रिजेक्ट कर दिए गए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर
