

संगठित शक्ति से भारत को मजबूत राष्ट्र बनाने का संकल्प लें : सुभाष

प्रयागराज, 22 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के स्वयंसेवक संगठित शक्ति खड़ी कर भारत को श्रेष्ठ राष्ट्र बनाने के लिए संकल्पबद्ध हों। नव वर्ष हमारा संकल्प दिवस है। चैत्र वैशाख आदि महीनों का नामकरण नक्षत्रों के आधार पर किया गया है। सृष्टि को प्रारंभ हुए दो अरब वर्ष हो गए हैं। इसका स्मरण हम लोग प्रतिदिन पूजा के साथ अपने संकल्प में करते हैं। 01 जनवरी को नया वर्ष मनाना गुलामी की मानसिकता का परिचायक है।
उक्त बातें रविवार को आरएसएस के प्रयाग उत्तर भाग के पथ संचलन से पूर्व परेड ग्राउंड में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के प्रचार प्रमुख सुभाष कुमार ने कही। उन्होंने आगे कहा कि पूरी दुनिया जहां युद्ध की विभीषिका से जूझ रही है, वहीं भारत मजबूत होकर विश्व का नेतृत्व करता नजर आ रहा है।
वर्ष प्रतिपदा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए क्षेत्र प्रचार प्रमुख ने आगे कहा कि हमारा नववर्ष सृष्टि के प्रारंभ का दिन है। यह काल की गति पर निर्भर है जो चरैवेति का संदेश देता है। देश के मनीषियों ने बहुत चिंतन मनन के बाद यह व्यवस्थित काल गणना पूरे विश्व को दी है। पृथ्वी की गति को पहचाना है। सूर्य ऊर्जा का केंद्र है, इसलिए पृथ्वी उसकी परिक्रमा करती है। जैसे हम मंदिर की प्रदक्षिणा करते हैं।
राष्ट्र का सांस्कृतिक जागरण चाहता है संघ
उन्होंने कहा कि वर्ष प्रतिपदा संघ संस्थापक डॉ हेडगेवार जी का जन्मदिन भी है। यह एक संयोग ही है। डॉक्टर हेडगेवार व्यक्ति नहीं बल्कि ध्येय के रूप में थे। वे देश के लिए जीने वाले सद्गुणी एवं समस्याओं का समाधान करने वाले लोग खड़ा करना चाहते थे। आज उनकी आकांक्षाएं साकार हो रही हैं। डॉ हेडगेवार के हृदय की पीड़ा से संघ का निर्माण हुआ है। संघ राष्ट्र का सांस्कृतिक जागरण करना चाहता है। संघ को देखना है तो संघ के कार्यक्रम को जरूर देखें। संघ पूरी तरह समझ में आ जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत का उदय लोकमंगल के लिए हुआ है। इसीलिए हर भारतीय धर्म की जय हो के नारे के साथ विश्व का कल्याण हो का भी उद्घोष करता है। करपात्री जी एवं प्रभुदत्त ब्रह्मचारी जैसे संतों ने इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाया है। समाज में चलाए जा रहे पंच परिवर्तन अभियान को उन्होंने राष्ट्र के उत्थान के लिए आवश्यक बताया।
संघ के स्वयंसेवक संस्कृति के प्रहरी हैं
केपी ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष टीपी सिंह ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि संघ के स्वयंसेवक संस्कृति के प्रहरी हैं। 100 वर्षों की यात्रा में संघ ने देश को जो गौरव दिलाया है,उसके लिए देश हमेशा आभारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आकर मैं अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।
मंच पर विभाग संघचालक प्रोफेसर केपी सिंह तथा भाग संघचालक डा.राम श्रृंगार उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन एवं अतिथि परिचय भाग कार्यवाह ब्रह्म शंकर ने कराया।
उद्बोधन के बाद स्वयंसेवकों ने परेड ग्राउंड से पथ संचलन शुरू किया। पथसंचलन में आगे चल रही खुली जीप में ‘भारत माता’ की चित्र नेतृत्व करती दिखाईं दीं। स्वयंसेवकों का पथ संचलन संघ के अनुशासन की जीवंत झांकी के रूप में दिखाई पड़ा। कंधे पर दंड एक जैसा गणवेश पहने दो पंक्तियों में कदम से कदम मिलाकर चल रहे स्वयंसेवकों ने संगठित युवा शक्ति का बोध कराया। घोष की धुन पर कदम से कदम मिलाकर चल रहे स्वयंसेवकों का यह पथ संचलन परेड से दारागंज होकर अलोपशंकरी मंदिर की ओर आगे बढ़ा। वहां से मटियारा रोड होते हुए सब्जी मंडी पहुंचा।
भाग प्रचारक शिव प्रकाश,विभाग कार्यवाह आशीष,शारीरिक विभाग के प्रमुख राजेश द्वारा मार्ग की बाधाएं दूर करते हुए नजर आए। यह पथ संचलन बाघंबरी गद्दी रोड से आगे बढ़ता हुआ रामदेशिक विद्यालय के पास से पुन: परेड ग्राउंड पहुंचकर पूर्ण हो गया।
संचलन में डॉक्टर एसपी सिंह, नागेंद्र, प्रांत प्रचार प्रमुख डॉक्टर मुरारजी त्रिपाठी, विभाग प्रचार प्रमुख वसु,सह विभाग प्रचार प्रमुख मुकेश, शारीरिक प्रमुख शिव प्रकाश के अलावा विहिप के प्रांत अध्यक्ष केपी सिंह प्रयाग उत्तर के विधायक डॉ हर्षवर्धन बाजपेई, पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह गौड़ आदि नीरज, हरिश्चन्द्र आदि शामिल थे। भाजपा नेता रिचा सिंह समेत अनेक महिलाएं एवं गुड मॉर्निंग नागरिक भी परेड ग्राउंड में उपस्थित थे।—————
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल
