– मंत्री दयाशंकर ने किया भगवान राम के कुलदेवी का दर्शन पूजन

अयोध्या, 27 मार्च (हि.स.)। रामनगरी जहां शुक्रवार को रामजन्मोत्सव में डूबी रही तो वहीं सरयू तट पर उत्सव की आभा रोमांचित करने वाली रही। राजघाट क्षेत्र में बसी अस्थाई टेंट नगरी में जन्मोत्सव उल्लास पूर्वक मनाया गया। यहां पर ठहरे 25 हजार से अधिक भक्तों ने सुबह की शुरुआत भजन, कीर्तन से की। जलपान के बाद सभी महायज्ञ मंडप में गए। मेला जैसा दृश्य रहा।
मंत्रोच्चार के बीच सभी ने बारी बारी कुंड में आहुतिया डाली, फिर वे कथा मंडल की ओर गए, जहां राधे राधे व राम नाम के संकीर्तन में शामिल हो गए। यहां पर क्या महिला, क्या पुरुष भक्त सभी के सभी अराध्य के प्राकट्य पर थिरकते रहे। जैसे-जैसे राम जन्म का समय मध्याह्न नजदीक आ रहा था, वैसे-वैसे बड़ी संख्या में उपस्थित भक्त खड़े होकर तीव्रता से उत्सव मनाने लगे। जय श्रीराम के नारों से सलिला सरयू की धारा भी उत्सवधर्मी हो गई। इस दौरान संत जीयरा स्वामी महाराज, मंत्री दयाशंकर सिंह के अलावा प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, विधायक अमित सिंह, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, पूर्व महापौर रिषिकेश उपाध्याय, भाजपा महानगर के महामंत्री शिवेंद्र सिंह, शासकीय अधिवक्ता रोहित पांडेय सहित बड़ी संख्या में विशिष्टजन रामजन्मोत्सव के साक्षी बनें। शाम ढलते ही यहां संतों के प्रवचन की धारा प्रवाहित होने लगी।
उधर परिवहन मंत्री महायज्ञ स्थल से सीधे भगवान राम की कुलदेवी मां बड़ी देवकाली मंदिर जाकर वहां व्रत अनुष्ठान से संबंधित हवन किया और माता को चुनरी अर्पित की। मंदिर के मुख्य पुजारी सुनील पाठक व गिरीश पाठक ने उन्हें प्रसाद दिया। शासकीय रोहित पांडेय मौजूद रहे।
28 मार्च को होगा संत सम्मेलन, नहीं मिली फूल वर्षा की अनुमति
शनिवार 28 मार्च को महायज्ञ का समापन होगा। इस अवसर पर संत सम्मेलन का आयोजन तय है। इसमें देश के प्रमुख संतों के आने की संभावना है। पर महायज्ञ समिति को जिला प्रशासन ने जरूर झटका दिया, हेलीकाप्टर से भक्तों पर फूल वर्षा करने की अनुमति नहीं दी।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय
