सहरसा, 12 अप्रैल (हि.स.)। ब्रज किशोर फाउंडेशन एवं ज्योतिष संस्थान डॉ रहमान चौक सहरसा के संस्थापक ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा ने बतलाया की सतुआईन का पर्व 14 अप्रैल को तथा जुड़िशीतल का पर्व 15 अप्रैल को मनाया जायेगा।

इस पर्व में तुलसी जी के पेड़ में नियमित जल प्रदान करने हेतु घड़ा या मिट्टी का पात्र बांधा जाता है।इसके पीछे भी मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों की प्यास बुझती है. सुबह माताएं एवं घर के बुजुर्ग अपने बच्चों के सिर पर जल को आशीर्वाद रूपी देती हैं।माना जाता है कि इससे पूरे साल उसमें शीतलता बनी रहे.इस पर्व में पुत्र से पितर तक के अंदर शितलता बनी रहे इसकी कामना की जाती है।
हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार
