-आर्थिक पुनर्जागरण से रिवर्स माइग्रेशन का केंद्र बनी अयोध्या : महापौर

– साकेतपुरी कॉलोनी का प्रबंधन अब नगर निगम के हवाले, अनुमोदित

अयोध्या, 23 फ़रवरी (हि.स.)। नगर निगम में निर्माण अथवा अन्य कार्यों की निविदा 15 फ़ीसदी से अधिक नीचे डाली गई तो कार्य की विशेष जांच कराई जाएगी। यह निर्णय नगर निगम अयोध्या बोर्ड की 11वीं आम बैठक में लिया गया। इस मौके पर महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि राममंदिर निर्माण से अयोध्या आध्यात्मिक राजधानी के साथ आर्थिक पुनर्जागरण एवं रिवर्स माइग्रेशन का केंद्र बन गई है।
भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ के सर्वेक्षण का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि दो लाख श्रद्धालु प्रतिदिन अयोध्या आ रहे हैं। इस कारण दुकानदारों की कमाई में पांच गुना की वृद्धि हुई है। होटल, परिवहन, दुकान एवं अन्य सेवाओं में वृद्धि के साथ छोटे उद्योगों की संख्या भी बढ़ी है। इससे एक लाख 20 हजार रोजगार की संभावना जगी है। उन्होंने बताया कि अयोध्या के इस बहुमुखी विकास से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के टेंपल इकोनामी मॉडल को मजबूती मिली है।
उन्होंने बताया कि जलवानपुरा, जनौरा, मधवा गद्दोपुर समेत अन्य स्थानों पर जल भराव की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है। उन्होंने टाप टेन स्वच्छता रैंकिंग हासिल करने के लिए जन सहयोग बढ़ाने की पार्षदों एवं अधिकारियों से विशेष अपेक्षा की।
बैठक की शुरुआत में पिछली कार्यवाही की पुष्टि की गई और इसके बाद नगर निगम की गोपनीयता भंग होने का मसला भी उठाया गया। इस पर कड़ा रुख अपनाने का निर्णय किया गया। इस मौके पर पार्षद गण के सुझाव पर विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का फैसला किया गया। डेकोरेटेड विद्युत पोल का भी मसाला चर्चा का विषय बना। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि डेढ़ सौ पोल लगाने की जगह चिन्हित कर ली गई है। यदि कहीं लाइट खराब हो तो उसे संस्था के माध्यम से मरम्मत कराया जाएगा। इसके लिए पार्षदों के साथ वेंडर्स की बैठक कराने का निर्णय किया गया।
आइटीएमएस सिस्टम की सफलता पर जताई प्रसन्नता
बैठक में नगर निगम क्षेत्र में 19 चौराहों पर आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता के रिकॉर्ड को देखते हुए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट स्कीम (आईटीएमएस) की सराहना की गई। ऊदा देवी के नाम पर चौराहे का नामकरण करने, नगर में अंबेडकर प्रतिमा लगाने का भी प्रस्ताव आया। विद्याकुंड, सीताकुंड, दशरथकुंड की सफाई नगर निगम के कर्मियों से करने का भी निर्णय लिया गया। विस्तारीकरण क्षेत्र में ग्राम समाज की जमीन को चिन्हित कर कब्जे में लेने का भी नगर निगम ने प्रस्ताव पास किया। इस मौके पर नगर निगम में आवास दर्ज कराने में हो रहे विलंब को लेकर भी नाराजगी जताई गई। इस मौके पर पेयजल, सफाई तथा विद्यालयों के सुंदरीकरण में कार्यदायी संस्था की ओर से बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताई गई। इस दौरान सुबह 3:00 बजे से 5:30 बजे तक रमजान के मध्य नजर जलापूर्ति सुनिश्चित करने तथा धार्मिक स्थलों के आसपास सफाई का निर्णय लिया गया। अशफाक उल्ला खान की शहादत को देखते हुए आदमकद प्रतिमा लगवाने की मांग की गई। साकेतपुरी कॉलोनी को नगर निगम को हस्तगत करने का सदन ने अनुमोदन कर दिया।
स्वच्छता को लेकर नगर निगम का कड़ा रुख
-नगर निगम को स्वच्छता रैंकिंग में टॉप टेन में लाने के लिए आम नागरिकों का भी सहयोग बढ़ाने के लिए जिम्मेदारों को विशेष प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर स्वच्छता से जुड़ी कंपनियों की लापरवाही को देखते हुए कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया गया। नगर आयुक्त ने बताया कि दो कंपनियों का 15 दिन का पेमेंट काट दिया गया है। बैठक का संचालन अपर आयुक्त सुमित कुमार ने किया।
इस मौके पर स्वच्छता के अग्रदूत संत गाडगे की जयंती पर नमन किया गया और रुदौली के अमर बलिदानी देवेश सिंह को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सदन की बैठक में पूर्व उपसभापति जयनारायण सिंह रिंकू, पार्षद बृजेंद्र सिंह, रामभवन यादव विशाल पाल, अनिल सिंह, विनय जायसवाल, अभय श्रीवास्तव, अनुज दास, रामचंदर, कृष्ण गोपाल यादव, दीप कुमार, सूर्यकुमार तिवारी सूर्या, अंकित तिवारी, चंदन सिंह, संतोष सिंह, गरिमा मौर्य, मनीषा यादव, अखिलेश पांडेय, हरिश्चंद्र अग्रहरि आदि ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर उपसभापति राजेश गौड़, सांसद प्रतिनिधि जाफर मीशम, अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ एवं भारत भार्गव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएम शुक्ल, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी गजेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय
