कोरबा, 16 मार्च (हि. स.)। जिले में शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 17 मार्च से 21 अप्रैल 2026 तक शिशु संरक्षण माह का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के आंगनबाड़ी तथा टीकाकरण केंद्रों में आयोजित होगा।

भारत शासन के दिशा-निर्देशानुसार कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी के नेतृत्व में यह अभियान संचालित किया जाएगा। इस दौरान शिशु स्वास्थ्य संवर्धन से जुड़े राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए बच्चों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केशरी ने बताया कि शिशु संरक्षण माह वर्ष में दो बार छह माह के अंतराल में आयोजित किया जाता है। अभियान के दौरान 9 माह से 59 माह तक के बच्चों को विटामिन ‘ए’ की खुराक तथा 6 माह से 59 माह तक के बच्चों को आयरन फोलिक एसिड (आईएफए) सिरप पिलाया जाएगा। इसके साथ ही नियमित टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण, एनीमिया की जांच, गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती करने और स्तनपान प्रोत्साहन से जुड़ी गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि विटामिन ‘ए’ की खुराक हर छह माह में देने से बच्चों में रतौंधी, श्वसन संक्रमण, बुखार और कुपोषण की संभावना कम होती है, जबकि आयरन फोलिक एसिड सिरप खून की कमी को दूर करने में सहायक होता है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत और सीएमएचओ डॉ. केशरी ने जिले के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे 6 माह से 59 माह तक के बच्चों को निर्धारित सत्रों में आंगनबाड़ी या स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाएं और उन्हें विटामिन ‘ए’, आयरन सिरप तथा आवश्यक टीकाकरण अवश्य दिलाएं। साथ ही स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों को सभी पात्र बच्चों तक यह सुविधा पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी
