
डिजिटल टीम, रांची। कोरोना संकट के इस दौर में सैनिक स्कूल के पूर्ववर्ती छात्रों के संगठन ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। इसके लिए वार रुम बनाया गया है। जिससे पूर्ववर्ती छात्रों के अलावा उनके परिवार के लोगों को इस संकट के दौर में मदद की जा सके। सैनिक स्कूल तिलैया पूर्ववर्ती छात्र संगठन ने कैम्पस के अलावा आम लोगों को भी मदद कर रहे हैं। इसकी शुरुआत स्कूल के दो टीचर के निधन के बाद हुई। संजय सिंह और केजी पांडा के निधन की जानकारी मिलने के बाद संस्थान ने स्थिति का जाएजा लेना शुरू किया। उसके बाद वर्चुअल वार रुम की शुरुआत की गई। जिसमें काम करने वाले वॉलंटियर पूरी दुनिया से जुड़े हुए हैं। वो बीमारी से परेशान लोगों की मदद के लिए दिन रात काम कर रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!संस्थान से जुड़े एक सदस्य का कहना है कि इसके लिए एक कैम्पेन की शुरुआत की गई। जरुरत पड़ने पर फंड राइजिंग की भी शुरुआत की गई। जिसका सकारात्मक परिणाम बहुत जल्द दिखने लगा। संस्थान के प्रेसिडेंट रवि किशोर के अनुसार, उन्होंने कई अधिकारियों से भी संपर्क किया। झारखंड सरकार के अधिकारियों ने मदद की और कैम्पस के अंदर हेल्थ कैम्प का आयोजन हुआ। किशोर के अनुसार, बिहार सरकार के मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण, पूर्व सेना के कमांडर ज्ञान भुषण, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज शिव कीर्ति सिंह, यूपी के आईएएस अधिकारी दीपक कुमार ने इसके लिए अपने स्तर से मदद की।
स्कूल परिवार ने अपने आठ पूर्व छात्रों को कोरोना के कारण खो दिया है। सिन्हा का कहना है कि वे सभी एक विपरित परिस्थिति से गुजर रहे हैं। लेकिन हमे एक दूसरे का साथ देना है। इस ग्रुप के सदस्य अपने चैप्टर के माध्यम से डॉक्टरों के टीम के साथ भी संपर्क में हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाईंया, ऐंबुलेंस और हॉस्पिटल में बेड की उपलब्धता की जानकारी भी मुहैया करा रहे हैं। इस कार्य में देश के कई महारनगरों और राजधानी में स्कूल के कई मानिंद पूर्ववर्ती छात्र जुड़े हुए हैं।