
डिजिटल टीम, पटना। मुख्यमंत्री के आगमन के पहले स्थान बदलने पर उनके पुराने समाजवादी साथी बलराम मिश्रा भड़के दिख रहे हैं. उन्होंने इस मामले में सीएम की जमकर आलोचना की है. प्रोफेसर मिश्र ने कहा कि जिस जिले में मुख्यमंत्री जी का आगमन होता है, वहाँ पहले से किसी स्थान-विशेष का चयन हो जाता है और वही उन्हें ले जाया जाता है। आगमन के निश्चित स्थान को जिला प्रशासन इस तरह सजा-सँवार देता है जैसे लगता है की कोई दुल्हन रंग-बिरंगी लिबासों में अपने दूल्हे राजा का इंतजार कर रही हो। कुछ दिन पहले से ही जिला प्रशासन बिक्रमगंज अनुमंडल के नोनहर गाँव को सजाने में लगा था जहाँ 11 फरवरी को मुख्यमंत्री को आना था। अब उनके आने का स्थान बदल गया है और वे अब 13 फरवरी को मोकर तथा सासाराम में आएंगे। अब इन दो स्थानों को सजाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। मुख्यमंत्री के अचानक कार्यक्रम में आये बदलाव पर चुटकी लेते हुए बिहार प्रदेश भाजपा कार्यसमिति के सदस्य तथा शाहाबाद के समाजसेवी सह किसान नेता प्रो0 बलराम मिश्र ने सासाराम में एक भेंट में कहा की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बिक्रमगंज के नोनहर की यात्रा इस लिए रूक गयी की वे किसानों को क्या जवाब देते। जिला प्रशासन द्वारा किसानों के साथ की जा रही हकमारी और खाद की कालाबाजारी से मुख्यमंत्री जी खूब वाकिफ हैं। फिर भी समाधान-यात्रा में इसका निदान नहीं, बल्कि और व्यवधान पैदा करना है। किसानों के विरोध की वजह से उन्हें अपना स्थान भी बदलवा देना पड़ा। बिक्रमगंज के लोगों की पुरानी माँग है इसे अनुमंडल से जिला बनाना, लेकिन आज तक उनकी माँग पूरी नहीं हो सकी। कदवन जलाशय योजना आज भी मुख्यमंत्री जी आपकी राहें देख रहा है की कब यह योजना पूर्ण होगी। प्रो0 मिश्र ने कहा की स्थान बदलने से जनता की भलाई नहीं होगी इसके लिए मन बदलना होगा। यदि बिना बताये नीतीश कुमार जी किसी गाँव में चले जाएँ तब उन्हें पता चलेगा की उनका समाधान-यात्रा सचमुच समाधान-यात्रा है या फिर………।