
डिजिटल टीम, डेहरी-ऑन-सोन।रोहतास प्रखंड क्षेत्र के कैमूर पहाड पर स्थित रोहितेश्वरधाम से रोहतासगढ किला तक अब जाना आसान हो गया। पहले रास्ता का अतिक्रमण कर लिया गया था। सावन के महिने मे हजारों लोग पैदल भ्रमण इस रास्ते पर करते है। सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण श्रद्धालुओ को परेशानी होती थी। पांच किमी तक लंबा लाइन लगा रहता था। रोहितेश्वर धाम सेवा समिति ने अतिक्रमण कराने की मांग की थी। कई बार मापी भी की गयी लेकिन अतिक्रमण नही हटा। सीओ आशु रंजन ने बताया कि पुनः मापी कराकर जेसीबी से पांच किमी लंबा तथा बीस फीट चौड़ा सडक की साफ-सफाई कराने का कार्य शुक्रवार से शुरू हुआ जो दूसरे दिन शनिवार को पुरा हुआ। रास्ते मे जहां पत्थर थे उसे किनारे कर दिया गया तथा पेड़ को छोड़ दिया गया। रास्ते के चारो ओर जंगल है व बीच बीच में खेती भी होती है। बता दें कि रोहतास प्रखंड मुख्यालय से रोहितेश्वर धाम तक रोपवे निर्माण का काम शुरू है। रोपवे निर्माण के बाद उक्त सडक का महत्व काफी बढ जाएगा।
विभागीय सूत्रों की माने तो रोपवे निर्माण के बाद रोहितेश्वर धाम से रोहतासगढ तक ईरिक्शा की व्यवस्था होगी। बरसात के दिनो मे जंगल मे जब बादल चलते है तो यह रास्ता शिमला व कुलू मनाली की याद दिलाता है। पहले रोहतासगढ किला से रोहितेश्वर धाम तक गाड़ी ले जाने मे काफी परेशानी होती थी लेकिन रास्ते की अतिक्रमण मुक्त करने के बाद अब आसानी से रोहितेश्वर धाम तक पहुंचा जा सकता है।मौके पर संतोष कुमार भोला, कृष्णा सिंह यादव, रवींद्र कुमार, राजबली यादव, समेत वन विभाग के लोग व ग्रामीण भी मौजूद थे।