
रिपोर्ट-अमित दुबे
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सासाराम (रोहतास) लोकसभा चुनाव 2024 के होने में अब महज 1 वर्ष से भी कम समय यानी सिर्फ 6 माह ही शेष रह गए हैं।वही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे के बाद इसकी सुगबुगाहट काफ़ी तेज हो गई है।वही आज हमारी टीम सासाराम लोकसभा सीट पर विशेष रूप से बात करने वाली है।जहा पिछले 4 लोकसभा चुनाव यानी 20 वर्ष के जातीय समीकरण और लोकप्रियता के हिसाब से बात करे तो यहां हमेशा ही रविदास और पासवान के बीच काफ़ी उठा पटक जारी रहा है।2019 के लोकसभा सीट से छेदी पासवान 4,94,800 वोट प्राप्त कर विजयी हुए तो वही कांग्रेस की सीट पर लड़ी मीरा कुमार ने 3,29,055 वोट प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रही थी।इसके साथ ही 2014 में भी सासाराम लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार छेदी पासवान ही विजयी हुए थे और उनका टक्कर मीरा कुमार से ही हुआ था।उससे पहले 2 बार लगातार मीरा कुमार का ही सासाराम लोकसभा सीट पर दबदबा रहा है।
लोकसभा सांसद छेदी पासवान की घटती लोकप्रियता बीजेपी की सबसे बड़ी टेंसन-
सासाराम लोकसभा सीट से दो बार लगातार विजय हुए बीजेपी सांसद छेदी पासवान की इन दिनों घटती लोकप्रियता बीजेपी के लिए काफ़ी सिरदर्द बनी हुई है।तो वही दूसरी ओर सासाराम से महागठबंधन बहुत भी मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है।पूर्व लोकसभा स्पीकर सह पूर्व सांसद मीरा कुमार और पंचायतीराज मंत्री मुरुरी गौतम और पूर्व लोकसभा उम्मीदवार मनोज कुमार की लोकप्रियता लोगों पर बहुत कुछ बयान कर रही हैं।मजबूत विपक्ष को लेकर बीजेपी के तरफ से इन दिनों पूर्व चेनारी विधायक ललन पासवान और सर्वेश राम के नाम को लेकर काफ़ी चर्चाए हो रही है।और सासंद छेदी पासवान के घटती लोकप्रियता को लेकर लोग इस बार उन्हें इनकार कर रहे हैं।तो वही पूर्व विधायक ललन पासवान को लोग सासाराम लोकसभा सीट से काफी पसंद कर रहे हैं क्योंकि ऐसा देखा जा रहा है कि इनकी लोगो पर इनकी लोकप्रियता काफी सर चढ़ कर बोल रहा है।
जातीय समीकरण से कौन होगा सासाराम से बीजेपी के लिए अच्छा उम्मीदवार-
सासाराम लोकसभा सीट को लेकर जब जातीय समीकरण की बात होती है तो पासवान जाती और रविदास जाती के उम्मीदवार के बीच हमेशा से ही काटे कि टक्कर देखने को मिलती हैं।बीजेपी के विपक्ष में रविदास सीट से मीरा कुमार,मुरुरी प्रसाद गौतम ,मनोज कुमार इन तीनो चर्चित नामो में से है।तो वही बीजेपी छेदी से छेदी पासवान, ललन पासवान,सर्वेश राम का नाम चर्चाओ में है।जो सासाराम 2024 लोकसभा सीट के लिए एक बहुत बड़ी पार्टियों के लिए किसी एक चुनोती से कम नही है।और बीजेपी 2024 लोकसभा उम्मीदवार के घोषणा पर नजर टिकी हुई है।
एनडीए के लिए किस जाति के उम्मीदवार सासाराम सीट से होंगे कारगर रविदास या फिर पासवान-
आजकल कोई भी पार्टी सीट का बटवारा जातीय समीकरण को नज़र रखते हुए करती है।इस बार ही यही कयास लगाए जा रहे हैं।महागठबंधन से दोनों चर्चित नाम मीरा कुमार और मुरुरी प्रसाद गौतम ऐ दोनों रविदास समाज से ही आते हैं इसके साथ ही VIP पार्टी के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी मनोज कुमार भी रविदास जाती से ही आते हैं।और सासाराम लोकसभा सीट से BSP भी अपने हर बार की तरह रविदास को ही मौका देगी।जो रविदास के वोट पट बहुत पार्टियो की नज़र टिकी हुई है।इसके बाद जब बात (एनडीए) की होती है तो वह पासवान समाज के वोट को अपने और खिंचने का काफी प्रयत्न करती है।यही कारण है कि वही छेदी पासवान को लगातार दो बार मौका दिया है और वह उसपर खड़े भी उतरे है।परन्तु इन दिनों सांसद छेदी पासवान की घटती लोकप्रियता पार्टी के लिए काफ़ी सिरदर्द बनी हुई है।राजनीतिक विससेज के अनुसार अगर बीजेपी सासाराम लोकसभा सीट से सर्वेश राम को ऑफर देती है तो पासवान जाती के वोट दूसरी पार्टी को जा सकती है और रविदास वोट में भी अधिक रविदास समाज से उम्मीदवार के होने के कारण बट जाएगा तो और महागठबंधन के लिए एक बहुत बड़ी क्षति होगी।वही पूर्व विधायक ललन पासवान को पासवान समाज का वोट अपने और खिंचने और ब्राह्मण और राजपूत के वोट अपने ओर आकर्षित करने और इनकी बढती लोकप्रियता सासाराम लोकसभा सीट के लिए सबसे बढ़िया उम्मीदवार माना जा रहा है।