
प्रशांत परासर, डिजिटल डेस्क, डेहरी ऑन-सोन। सरकारी स्कूल में नाम लिखाकर पढ़ने न जाने वाले बच्चों के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। विद्यालय से लगातार गायब रहने वाले बच्चों का नाम कटा जा चुका है। जिन बच्चों का नामंकन रद्द हुआ है उनमें से अधिकांश बच्चे केवल विभागीय़ योजना का लाभ लेने के लिए सरकारी विद्यालय में नाम लिखवाए थे। जिन विद्यालयों में इस तरह की कार्रवाई की गति धिमी हैं। वहां के प्रधानाध्यापक को तीन दिन का समय दिया गया है कि वे लगातार अनुपस्थित रहने वाले बच्चों का नामंकन रद्द कर प्रतिवेदन सौंपे। यदि इसमें शिथिलता बरती जाती है तो प्रधानाध्यापक के विरुद्ध सख्त कर्रवाई की जाएगी। विभाग के अपर मुख्य सचिव ने छात्रों के ट्रैकिंग करने का निर्देश दिया है। जिसमें यह पता लगाने को कहा गया है कि किसी बच्चे का नाम एक ही साथ दो विद्यालयों में तो नहीं है।