
शाम का वक्त था, मेरे जिले के रहने वाले दिग्गज समाजवादी नेता ने पूछा कि नीतीश कुमार से मिले के बा? पुराने व्यक्ति है हाँ और ना मैं भी जवाब न दे सका। कार में बैठ कामराज लेन की तरफ जाने लगे। रास्ते में तगड़ी बैरकेटिंग दिखी। गृह मंत्री अमित शाह उसी इलाके में रहेत हैं। इसलिए बिना पूछताछ के किसी को जाने नहीं दिया जाता। बिहार सीएम के घर पर जाना है इतना सुनते ही बैरकेटिंग हटा दी गई। वहां पहुंचे तो नेताजी जी से कई परिचित मिलने लगे और वो बातचीत में व्यस्त हो गए। बाहर पत्रकार और मुलाकात का इंतजार करने वाले लोगों की भीड़ थी। हर समय होने वाली हलचल को कैद करने के लिए कैमरामैन लगातार एक्टिव दिख रहे थे। मैं इधर उधर टहलने निकल पड़ा। कुछ देर बाद नीतीश कुमार ने मिलने वाले लोगों को बुलाया। अंदर पहुंचे तो सामने की कुर्सी पर सीएम तो बगल में ललन सिंह बैठे हुए थे। दूसरी तरफ सोफे पर जदयू के कुछ नेता। कुर्सी पर आम लोग। जहानाबाद से उपचुनाव में टिकट के एक दावेदार अपनी उम्मीदवारी पक्की करवाने की जुगत में लगे हुए थे। सीएम सुन रहे थे तो ललन बाबू अपनी राय रख रहे थे। इतना जरूर समझ में आया कि जदयू के नेता एनडीए में शामिल होने के बाद उत्साहित दिख रहे हैं। तय है मोदी और नीतीश बिहार के विकास के लिए इस बार जरूर कुछ काम करेंगे।
गोविंदा मिश्रा