
डिजिटल टीम, नई दिल्ली। दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान को दिए गए एक मेमोरंडम में वरीय महिला अधिवक्ता और पटना उच्च न्यायालय के एडवोकेट्स एसोसिएशन की उपाध्यक्ष छाया मिश्र ने संविधान की पढ़ाई विद्यालय स्तर से ही शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरा देश संविधान के महत्व को समझ रहा है। इससे भारत का लोकतंत्र मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान को स्कूलों और कॉलेजों में अध्ययन के लिए अनिवार्य विषय बनाने का आदेश दें। विधि कॉलेजों में संविधान की पढ़ाई होती है, लेकिन अन्य संकायों के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र इसके मूलभूत तत्वों से भी वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की शिक्षा स्कूल स्तर पर ही शुरू की जा सकती है। कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को संविधान के मूलभूत तत्व, जैसे अनुच्छेद, निदेशक सिद्धांत, मौलिक अधिकार आदि पढ़ाए जा सकते हैं। कक्षा 9 से 12 के छात्रों को संविधान का विस्तार, संशोधन और विधायी संस्थानों के दौरे के माध्यम से जानकारी दी जा सकती है।