
सासाराम(रोहतास) 20 अप्रैल। जिले में दूषित और मिलावटी खाद्य-सामग्री धड़ल्ले से बिक रही है, उसे देखने वाला कोई माई-बाप नहीं है। ऐसा कोई भी सामान नहीं, जिसमें मिलावट न हो। इन मिलावटी सामानों में कुछ इस तरह के रासायनिक पदार्थों का प्रयोग होता है, जिससे सामान बिलकुल ताजा दिखता है। जबकि मिलावटी मिठाइयों में खुशबू भी होती है, जिससे उनकी घटिया होने का पता ग्राहकों को नहीं चल पाता। जिले के सासाराम, डेहरी, बिक्रमगंज, नोखा, करगहर तथा अन्य बड़े फल-सब्जी बाजारों में भी जहर भरा रासायनिक पदार्थों का प्रयोग होता है। इनके प्रयोग से फल-सब्जियाँ बिलकुल ही ताजी दिखती हैं, जिसे अच्छा समझकर अधिकांश ग्राहक उन्हीं की ओर आकर्षित होते हैं। इन सब मिलावटी चीजों को खाने से स्वास्थ्य पर धीरे-धीरे इसका प्रतिकूल असर पड़ता जायेगा और लोग असमय काल का शिकार होते रहेंगे। इस दिशा में कभी भी खाद्य-निरीक्षक द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया जाता, जिससे की इस पर विराम लगे। आम-अवाम तो ये भी नहीं जानता की इसके रोक-थाम के लिए भी जिले में कोई विभाग या पदाधिकारी है। फूड इंस्पेक्टर कौन हैं, कहाँ रहते हैं, उनका क्या दायित्व है, लोगों को कुछ भी पता नहीं। इस दिशा में जिला प्रशासन को कठोर निर्णय लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी होगी, जिससे कि लोगों को नकली खाद्य-सामग्रियों से बचाया जा सके।
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