सागर, 16 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया और पुलिस महकमे में हलचल मचाकर रख दी है।
एक विधवा महिला द्वारा अपने बेटे के दोस्त पर दुष्कर्म का आरोप लगाने के कुछ ही दिन बाद, आरोपी युवक ने सुसाइड कर लिया। लेकिन अब इस मामले में कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जो घटना की पूरी सच्चाई पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला या घटनाक्रम ?
मामले की शुरुआत 12 जनवरी को हुई, जब एक 46 वर्षीय विधवा महिला ने अपने बेटे के 28 वर्षीय दोस्त, छोटू उर्फ हीरालाल, के खिलाफ दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस केस दर्ज होने के बाद से ही छोटू फरार चल रहा था। गुरुवार को छोटू का शव बांदरी थाना क्षेत्र के एक खेत में पेड़ से लटका हुआ मिला।
वायरल वीडियो में क्या दिखा?
आरोपी की मौत के बाद सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हुए हैं, जो इस केस में नया मोड़ ले आए हैं। CCTV फुटेज में दिख रहा है कि महिला और युवक एक ही घर से बदहवास हालत में निर्वस्त्र बाहर निकलते हैं। महिला एक दिशा में भागती है, जबकि युवक दूसरी दिशा में।
राहगीर का वीडियो: दूसरा वीडियो एक बाइक सवार द्वारा बनाया गया है, जिसमें वही महिला रात के अंधेरे में सड़क पर बिना कपड़ों के भागती नजर आ रही है।
परिजनों का आरोप: झूठे केस ने ली जान
मृतक छोटू के परिजनों का कहना है कि महिला और मृतक युवक के बीच आपसी सहमति से संबंध थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि महिला ने युवक को फंसाने के लिए झूठा दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। बदनामी और पुलिस के डर से आहत होकर युवक ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस की कार्रवाई और चुनौतियां
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अब मामले की नए सिरे से जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता और समय की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो दुष्कर्म की शिकायत से पहले का है या बाद का। आत्महत्या के कारणों और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
इस तरह के मामलों में गोपनीयता और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है। वायरल वीडियो न केवल जांच को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि सामाजिक गरिमा को भी ठेस पहुंचाते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/मनीष कुमार चौबे
—————
हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा
