कोलकाता, 16 जनवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा निवासी एक प्रवासी श्रमिक की झारखंड में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को लेकर राज्य में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मृतक की पहचान अलाउद्दीन शेख के रूप में हुई है, जो रोज़गार के सिलसिले में झारखंड गया था। मृतक झारखंड में फेरीवाले का काम करता था।
परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि अलाउद्दीन की नृशंस हत्या की गई है। उनका कहना है कि पहले उन्हें पीट-पीटकर मारा गया और बाद में शव को फांसी पर लटका दिया गया, ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। हालांकि, पुलिस ने शव को किराए के कमरे से फंदे पर लटका हुआ पाया है।
घटना की खबर फैलते ही बेलडांगा और आसपास के इलाकों में भारी तनाव फैल गया। करीब साढ़े पांच घंटे तक चले विरोध-प्रदर्शन के दौरान ट्रेन, बस और लॉरी की आवाजाही बाधित रही। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार मृतक के परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।
इसी क्रम में तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से फोन पर बातचीत की। अभिषेक ने बेलडांगा के प्रवासी श्रमिक की मौत में शामिल आरोपितों की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
तृणमूल सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आश्वासन दिया है कि झारखंड पुलिस मामले को गंभीरता से देख रही है और जांच शुरू हो चुकी है। दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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मृतक के परिजनों से मिले अधीर चौधरी
मृतक के परिवार से मिलने के लिए बहरमपुर के पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी भी पहुंचे। उन्होंने भी कहा कि वह झारखंड सरकार से इस मुद्दे पर बात करेंगे और दोषियों को तत्काल चिन्हित कर कानूनी सजा दिलाने की मांग करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इसी मौत को आधार बनाकर आज शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मुर्शिदाबाद में नेशनल हाईवे पर उतरकर आगजनी की और करीब छह घंटे तक इसे जाम रखा है। इसकी वजह से उत्तर और दक्षिण बंगाल का संपर्क पूरी तरह से टूट गया था।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
