यमुनानगर, 16 जनवरी (हि.स.) यमुनानगर में राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अंडरपास और ग्रामीण संपर्क मार्ग के मुद्दे पर पिछले छह महीनों से जारी किसान आंदोलन को लेकर शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला सचिवालय में हुई इस बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने की।
बैठक में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी और जिला उपायुक्त भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान सभागार को मीडिया के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया और चर्चा बंद कमरे में हुई। बैठक समाप्त होने के बाद कृषि मंत्री और किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने जानकारी साझा की। किसान नेताओं ने बताया कि लंबे संवाद के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि हाईवे निर्माण के दौरान ग्रामीणों के परंपरागत मार्ग को बंद करने में प्रक्रियागत चूक हुई है, जिसे अब स्वयं एनएच अथॉरिटी के अधिकारियों ने भी स्वीकार किया है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी कहा कि वे इस विषय में स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं।
रतन मान ने कहा कि बैठक की पूरी कार्यवाही को लिखित रूप में संकलित कर मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा, ताकि उच्च स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जा सके। उन्होंने जोर दिया कि किसानों की मांग न्यायसंगत है और जब तक रास्ते की बहाली सुनिश्चित नहीं होती, तब तक प्रभावित क्षेत्र में निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि अंडरपास और संपर्क मार्ग को लेकर तकनीकी व प्रशासनिक अड़चनें सामने आ रही हैं, जिन पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर पहले ही चर्चा हो चुकी है और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय कर किसानों की समस्या का व्यवहारिक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार
