मरादेव में खेत-प्लाट जलमग्न, 20 से 25 परिवार प्रभावित
धमतरी, 18 जनवरी (हि.स.)। गंगरेल बांध से सहायक नहर नाली में पानी छोड़े जाने के बाद ग्राम मरादेव के कई खेतों और खाली प्लाटों में पानी भर गया है। इससे गांव के 20 से 25 परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित रहवासियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि हर बार पानी छोड़े जाने पर यही स्थिति बन जाती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार नहर से छोड़ा गया पानी गांव की निचली बसाहट की ओर बह जाता है, जिससे खेतों के साथ-साथ आवासीय क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है। कई घरों में दीवारों और फर्श में सीपेज होने लगा है, जिससे मकानों की मजबूती पर भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं खाली प्लाट पूरी तरह पानी से भर गए हैं, जिससे आवागमन में दिक्कत हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि बाड़ी में लगाई गई सब्जियां जलभराव के कारण खराब हो गई हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। सब्जी उत्पादन ही कई परिवारों की आय का प्रमुख साधन है, ऐसे में फसल नष्ट होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
गांव के चम्पेश निषाद, रोशन लाल गंजीर, विक्रम नागवंशी, संतोष ध्रुव, विष्णु नेताम, राजू निषाद, कमलेश निषाद और दिनेश ध्रुव ने रविवार काे बताया कि गंगरेल बांध से जब भी सहायक नहर नाली में पानी छोड़ा जाता है, तब गांव के इस हिस्से में जलभराव हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सहायक नहर के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि गांव में जलभराव की स्थिति न बने। इसके साथ ही नहर के किनारों को मजबूत करने और अतिरिक्त पानी को सुरक्षित मार्ग से बाहर निकालने की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी निराकरण करने की मांग की है, ताकि उन्हें बार-बार इस परेशानी से न जूझना पड़े।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा
