रांची, 18 जनवरी (हि.स.)। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन और मारवाड़ी सहायक समिति के संयुक्त तत्वावधान में हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन, रांची में आयोजित तीन दिवसीय मारवाड़ महोत्सव-2026 का रविवार को हुआ।
यह महोत्सव न केवल मारवाड़ी समाज, बल्कि समूचे झारखंडवासियों के लिए राजस्थान की राजसी परंपराओं, जीवंत लोक संस्कृति का सशक्त माध्यम बना।
महोत्सव के अंतिम दिन प्रस्तुत नानी बाई को मायरो पर आधारित जीवंत नृत्य-नाटिका कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। पारंपरिक संगीत, भावपूर्ण अभिनय और लोकनृत्य के सशक्त समन्वय से सजी इस प्रस्तुति ने श्रद्धा, करुणा और सामाजिक मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से मंच पर जीवंत कर दिया। दर्शकों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
तीन दिनों तक चले इस सांस्कृतिक उत्सव में हजारों दर्शकों की भागीदारी रही। राजस्थान से आए कई ख्यातिप्राप्त लोक कलाकारों ने लोकगीत, घूमर, कालबेलिया नृत्य, कठपुतली नृत्य के माध्यम से राजस्थान की जीवित लोकसंस्कृति को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। सुमधुर संगीत और रंग-बिरंगे परिधानों ने पूरे परिसर को राजस्थानी रंग में रंग दिया।
महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण चोखी धाणी रहा, जहां हजारों लोगों ने दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी, बाजरे की रोटी, मठा सहित 30 से अधिक पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद लिया। इसके साथ ही हस्तकला प्रदर्शनी, मेहंदी रचनी, वो अपनी संस्कृति ने जाणो, मारवाड़ री मंच, रंग भरो राजस्थान, अपणी माटी रो गीत, पगड़ी रो पेंच और हंस लो सा जैसे विविध सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों ने दर्शकों को आकर्षित किया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर और विशिष्ट अतिथि विधायक सीपी सिंह थे। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
इस अवसर पर रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री सहित झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन और मारवाड़ी सहायक समिति के पदाधिकारी थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar
