हरिद्वार, 18 जनवरी (हि.स.)। तुलसी मानस मंदिर के परमाध्यक्ष एवं जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अर्जुन पुरी महाराज रविवार को ब्रह्मलीन हो गए। संत समाज ने स्वामी अर्जुनपुरी महाराज के ब्रह्मलीन होने पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। अर्जुनपुरी काे सोमवार काे आश्रम परिसर में ही समाधि दी जाएगी।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज, महामंत्री महंत हरी गिरी महाराज, महानिर्वाणी अखले के सचिव श्री महंत रवींद्र पुरी महाराज भारत माता मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी ललिता नंद गिरी आदि संतों ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी अर्जुन पुरी महाराज त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति थे। उनके अचानक ब्रह्मलीन होने से संत समाज को जो क्षति हुई है। उसे कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा। उनका त्याग और तपस्या से परिपूर्ण जीवन सदैव सभी को प्रेरणा देता रहेगा। उनका अचानक संसार से चले जाना संत समाज के के लिए गहरा आघात है।
ब्रह्मलीन स्वामी अर्जुन पुरी काे जयराम पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, महंत प्रेम गिरी, महंत महेश पुरी, महंत साधनानंद, महंत जसविन्दर सिंह, स्वामी ऋषिश्वरानंद, स्वामी ऋषिराम कृष्ण, महंत गोविंददास, महंत राघवेंद्र दास, स्वामी नागेंद्र महाराज, कालिका पीठाधीश्वर महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत, महंत विष्णुदास, महंत अरूण दास, महंत रघुवीर दास, महंत रंजय सिंह, स्वामी रविदेव शास्त्री ने भी श्रद्धांजलि दी।
ब्रह्मलीन स्वामी अर्जुन पुरी महाराज के शिष्य स्वामी कामेश्वर पुरी महाराज ने बताया कि सोमवार को सवेरे 11 बजे सभी तेरह अखाड़ों के संतों की मौजूदगी में आश्रम परिसर में ही महाराज को समाधि दी जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला
