इंदौर, 19 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में भू-राजस्व एवं डायवर्सन शुल्क की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत भू-राजस्व और डायवर्सन शुल्क जमा नहीं करने वाले बकायादारों के विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में संबंधित अधिकारियों की बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि सभी बकायादारों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भी जो बकायादार राशि जमा नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम कल्याणी पांडे ने बताया कि कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर समस्त तहसीलों के तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षकों की बैठक लेकर भू-राजस्व वसूली की समीक्षा की गई। कलेक्टर वर्मा के निर्देश पर कॉलोनी सेल, नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के फ्री-होल्ड पट्टे, खनिज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग सहित अन्य विभागों का समेकित डेटा संधारित कर समस्त तहसीलों में वितरित किया गया है, जिससे बड़े बकायादारों को चिन्हांकित कर प्रभावी कार्यवाही की जा सके।
साथ ही WEBGIS पर उपलब्ध संभावित परिवर्तित सर्वे नंबरों के सत्यापन के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। समस्त तहसीलदारों द्वारा बकायादारों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नोटिस के बाद भी यदि बकाया राशि जमा नहीं की जाती है, तो बकायादारों के विरुद्ध नियमानुसार कुर्की सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी अधिकारी भू अभिलेख कल्याणी पांडे ने बताया कि डायवर्सन की मांग एवं वसूली की समीक्षा हेतु जिले के समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की राजस्व मांग की स्थिति की समीक्षा की गई तथा वसूली में अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश प्रदान दिये गए।
बैठक के दौरान उपग्रह छवि के माध्यम से चिन्हित ऐसे समस्त प्रकरणों, जिनमें भूमि का उपयोग परिवर्तित होने के उपरांत भी डायवर्सन स्वीकृत नहीं कराया गया है, उनके शीघ्र प्रकरण तैयार कर नियमानुसार कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि ऐसे सभी डायवर्टेड प्रकरणों में मांग की सूचना पत्र जारी कर समय-सीमा में वसूली सुनिश्चित की जाए।
प्रत्येक तहसील हेतु साप्ताहिक डायवर्सन वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया तथा निर्देश दिए गए कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नियमित समीक्षा कर प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। वसूली में लापरवाही पाए जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही सुनिश्चित की जायेगी। बैठक में राजस्व वृद्धि को प्राथमिकता देते हुए डायवर्सन से संबंधित समस्त लंबित एवं नवीन प्रकरणों का त्वरित निराकरण कर शासन को अधिकतम राजस्व प्राप्त कराने पर विशेष बल दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
