रबात, 19 जनवरी (हि.स.)। सेनेगल ने अफ्रीका कप ऑफ नेशंस (एफकॉन) 2025 के फाइनल में मेजबान मोरक्को को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। अतिरिक्त समय में पापे गुएये के निर्णायक गोल ने सेनेगल को जीत दिलाई, लेकिन यह मुकाबला एक विवादास्पद पेनल्टी और मैदान के बाहर-भीतर हुई बदसूरत घटनाओं के कारण चर्चा में रहा।
मैच का सबसे नाटकीय पल तब आया, जब इंजरी टाइम के 24वें मिनट में मोरक्को को पेनल्टी मिली। ब्राहिम डियाज़ के खिलाफ बॉक्स में फाउल को लेकर वीएआर जांच के बाद रेफरी जीन-जैक्स नडाला ने स्पॉट-किक दी। हालांकि, करीब 20 मिनट तक चले हंगामे और विरोध के बाद डियाज़ जब पेनल्टी लेने पहुंचे तो उनका कमजोर चिप शॉट सेनेगल के गोलकीपर एडुआर्ड मेंडी ने आसानी से बचा लिया।
पेनल्टी के फैसले से सेनेगल के खिलाड़ी और फैंस भड़क गए थे। कई खिलाड़ी मैदान छोड़ने लगे, जबकि स्टेडियम के एक हिस्से में मौजूद सेनेगल समर्थकों ने कुर्सियां और अन्य वस्तुएं फेंक दीं और मैदान में घुसने की कोशिश की। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस और स्टूवर्ड्स को दखल देना पड़ा।
इससे पहले भी सेनेगल का एक गोल विवाद में रहा था, जब इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में अब्दुलाये सेक के हेडर के बाद इस्माइला सार्र के रिबाउंड गोल को फाउल बताकर रद्द कर दिया गया।
पेनल्टी बचने के बाद सेनेगल का आत्मविश्वास बढ़ गया और अतिरिक्त समय के चौथे मिनट में उसने विजयी गोल दाग दिया। सादियो माने ने मिडफील्ड में गेंद जीती और इद्रिस्सा गाना गुएये के जरिए पापे गुएये को पास दिया। विल्लारियल के मिडफील्डर पापे गुएये ने मोरक्को के कप्तान अशरफ हकीमी को पीछे छोड़ते हुए शानदार शॉट से गेंद को टॉप कॉर्नर में डाल दिया।
66,526 दर्शकों से खचाखच भरे प्रिंस मौले अब्देल्लाह स्टेडियम में यह गोल मेजबान फैंस के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। ब्राहिम डियाज़ को इसके बाद तुरंत बदल दिया गया। हालांकि मोरक्को के पास बराबरी का मौका भी था, लेकिन अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में नायफ अगुएर्द का हेडर क्रॉसबार से टकरा गया।
मोरक्को अपने घरेलू मैदान पर 50 साल बाद दूसरा एफकॉन खिताब जीतने का सपना देख रहा था, लेकिन यह सपना टूट गया। वहीं सेनेगल ने आखिरी मिनटों में 2-0 करने का मौका गंवाया, जब चेरीफ एनडियाए गोल नहीं कर पाए, लेकिन टीम ने बढ़त बनाए रखी।
यह सेनेगल का पिछले तीन संस्करणों में दूसरा एफकॉन खिताब है। इससे पहले 2022 में उसने मिस्र को पेनल्टी शूटआउट में हराकर पहली बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। खास बात यह भी रही कि यह एफकॉन फाइनल में सेनेगल का पहला गोल था, क्योंकि इससे पहले तीन फाइनल में वह गोल नहीं कर सका था।
मैच के दौरान हुई बदसूरत घटनाओं की जांच अब सेनेगल टीम, उसके समर्थकों और मोरक्को के आयोजकों की भूमिका पर केंद्रित होगी।
सेनेगल अब जून में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए अमेरिका रवाना होगा और टीम को उम्मीद है कि स्टार खिलाड़ी सादियो माने एक और एफकॉन खेलने के लिए राजी होंगे, क्योंकि उन्होंने फाइनल से पहले संकेत दिए थे कि यह उनका आखिरी एफकॉन मुकाबला हो सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे
