शिमला, 19 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद दवाएं उपलब्ध कराने के लिए जरूरत पड़ने पर ड्रग्स एक्ट में संशोधन किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सोमवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इलाज की गुणवत्ता तभी बेहतर हो सकती है, जब अस्पतालों में दी जाने वाली दवाएं भी उच्च स्तर की हों।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही लगभग 100 करोड़ रुपये की दवाओं की खरीद के लिए टेंडर जारी करने जा रही है। इस प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देश की प्रतिष्ठित दवा निर्माता कंपनियां भी टेंडर में भाग लें। उन्होंने कहा कि दवाएं सीधे दवा बनाने वाली कंपनियों से खरीदी जाएंगी ताकि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को विश्वस्तरीय दवाइयां मिल सकें और किसी भी तरह की गुणवत्ता से समझौता न हो।
सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है। अच्छी और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गुणवत्तायुक्त दवाएं बेहद जरूरी हैं। सरकार का प्रयास है कि लोगों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े और प्रदेश में ही उन्हें बेहतर और भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम को भी अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्रों और अन्य दवा दुकानों के लिए दवाइयों की खरीद अधिकृत डीलरों के बजाय सीधे दवा कंपनियों से की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है, लेकिन जनता का पैसा केवल जनहित में और पारदर्शिता के साथ ही खर्च किया जाना चाहिए।
इस बैठक में स्वास्थ्य सचिव प्रियंका बासु इंगटी, हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल, विशेष सचिव स्वास्थ्य जितेंद्र संजटा, स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. गोपाल बेरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में यह भी कहा गया कि भविष्य में सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी जिससे मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
