बरेली, 19 जनवरी (हि.स.) । प्रेमनगर थाना क्षेत्र के राजेंद्रनगर से सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे बुजुर्ग दंपत्ति की दम घुटने से मौत हो गई। सुबह जब परिजन उन्हें जगाने पहुंचे तो दोनों मृत मिले, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।
राजेंद्रनगर निवासी 98 वर्षीय उमा शंकर सक्सेना, कृषि विभाग में बीडीओ पद से सेवानिवृत्त थे। वह अपनी 78 वर्षीय पत्नी कामिनी देवी के साथ रात में कमरे में अंगीठी जलाकर सोए थे। सुबह कमरे से धुआं निकलता देख परिजन पहली मंजिल पर पहुंचे। उमा शंकर सक्सेना झुलसे अवस्था में पड़े थे, जबकि उनकी पत्नी बिस्तर पर अचेत थीं। डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का कहना है कि कमरे में वेंटिलेशन की कोई व्यवस्था नहीं थी। पूरी रात अंगीठी जलती रहने से ऑक्सीजन की कमी हो गई और जहरीली गैस से दोनों की जान चली गई। मृतक के बेटे डॉक्टर आलोक सक्सेना ने भी दम घुटने से मौत की आशंका जताई है।
प्रेमनगर थाना प्रभारी सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि मामले की कोई सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी। बिना पंचनामा और पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने पर मामले की जांच की जाएगी। पुलिस को सूचना न देना गंभीर लापरवाही मानी जा रही है और इसको लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / देश दीपक गंगवार
