पूर्वी सिंहभूम, 19 जनवरी (हि.स.)।
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के पत्र के बाद टाटा स्टील आम बागान (नेताजी सुभाष चंद्र बोस मैदान) को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए हरकत में आ गई है। टाटा स्टील के भूमि प्रबंधन विभाग के प्रमुख आनंद कुमार ने सोमवार को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र लिखकर मैदान को अतिक्रमण और गैरकानूनी गतिविधियों से मुक्त कराने के लिए मजिस्ट्रेट की निगरानी में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती का आग्रह किया है। यह पत्र छह जनवरी को लिखा गया है।
उपायुक्त को भेजे गए पत्र में टाटा स्टील ने उल्लेख किया है कि आम बागान के एक बड़े हिस्से को अवांछित तत्वों से बचाने के लिए पहले लोहे के ग्रिल से घेरा गया था, लेकिन असामाजिक तत्वों द्वारा ग्रिल काट दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद मैदान के एक हिस्से को अवैध रूप से वाहन पार्किंग स्थल में तब्दील कर दिया गया है। इतना ही नहीं, वहां कई गैरकानूनी गैरेज संचालित हो रहे हैं और बिना किसी अनुमति के मेले भी लगाए जा रहे हैं।
पत्र में कहा गया है कि आम बागान को अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों से बचाने के लिए कंपनी ने पूरे मैदान के चारों ओर नई चाहरदीवारी बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रशासनिक सहयोग आवश्यक है, ताकि मजिस्ट्रेट और पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा सके और शहर के प्राइम लोकेशन में स्थित इस भूमि का सकारात्मक और जनहितकारी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
इस पूरे मामले को लेकर विधायक सरयू राय ने टाटा स्टील के इस पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा कि जमशेदपुर के आम बागान, जिसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस मैदान के नाम से जाना जाता है, को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि पत्र में पूर्व में किए गए प्रयासों का भी स्पष्ट उल्लेख है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले चार जनवरी को सरयू राय ने टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) को पत्र लिखकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस आम बागान मैदान की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई थी और इसे नेताजी की स्मृति से जुड़े एक सम्मानित स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की थी। अपने पत्र में उन्होंने लिखा था कि यह ऐतिहासिक और सार्वजनिक स्थल वर्तमान में वाहनों की पार्किंग, पुराने वाहनों के कबाड़ और लगातार हो रहे अवैध अतिक्रमण के कारण दुर्दशा का शिकार हो चुका है। अब टाटा स्टील की ओर से प्रशासन को लिखे गए पत्र के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आम बागान को जल्द ही अतिक्रमण मुक्त कर उसके मूल स्वरूप में विकसित किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक
